कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने अरब लीग की कार्यप्रणाली पर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह संगठन मौजूदा समय की बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं रहा है। उनके अनुसार, अरब देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लीग अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाने में असफल साबित हुआ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें चल रही हैं।

अरब लीग की भूमिका पर कुवैत का रुख क्या है?

कुवैत के विदेश मंत्री ने League of Arab States की मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनके बयान के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • अरब लीग तेजी से बदलती क्षेत्रीय चुनौतियों के साथ तालमेल नहीं बिठा सका है।
  • संगठन अरब सुरक्षा को बनाए रखने में अपनी प्रभावशाली भूमिका नहीं दिखा पाया।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए संगठन के कामकाज में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।
  • Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने 1 फरवरी 2026 को पद संभालने के बाद यह कड़ा रुख अपनाया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर हाल में हुई बड़ी बैठकें

पिछले कुछ हफ्तों में कुवैत ने सुरक्षा के मसले पर कई पड़ोसी देशों के साथ लगातार बातचीत की है। इन बैठकों और घटनाओं का विवरण इस प्रकार है:

तारीख घटना या बैठक
10 मार्च 2026 मिडल ईस्ट संघर्ष और सुरक्षा पर Arab League की इमरजेंसी मीटिंग आयोजित की गई।
15 मार्च 2026 कुवैत ने सऊदी अरब, बहरीन और ओमान के साथ सैन्य तनाव पर चर्चा की।
19 और 25 मार्च ईरानी हमलों की निंदा करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता पर साझा बयान जारी किया गया।
29 मार्च 2026 कुवैती विदेश मंत्री ने अरब लीग की अक्षमता पर सार्वजनिक बयान दिया।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.