कुवैत सरकार ने ईरान के हमलों से हुए नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इस कमेटी की कमान वित्त मंत्री Dr. Yaqoub Al-Rifai को सौंपी गई है। सरकार चाहती है कि हमले में कितनी संपत्ति और बुनियादी ढांचे का नुकसान हुआ, इसका पूरा ब्योरा इकट्ठा किया जाए ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

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कमेटी क्या काम करेगी और इसमें कौन शामिल है?

इस कमेटी का गठन 22 अप्रैल 2026 को कैबिनेट द्वारा किया गया। इसका मुख्य काम नुकसान को डॉक्यूमेंट करना और कुल घाटे का अनुमान लगाना है। सभी संबंधित सरकारी विभागों को आदेश दिया गया है कि वे नुकसान की एक विस्तृत लिस्ट तैयार करें। इसमें भौतिक, तकनीकी और ऑपरेशनल नुकसान की जानकारी के साथ-साथ फोटो और जरूरी सबूत भी जमा करने होंगे।

ईरान के हमलों में कितना नुकसान हुआ?

ईरान ने फरवरी और मार्च के बीच कुवैत पर बड़े हमले किए, जिसमें 234 मिसाइल और 422 ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। इन हमलों में मिलिट्री बेस, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और तेल सुविधाओं को निशाना बनाया गया। 4 अप्रैल 2026 को मंत्रालयों के कॉम्प्लेक्स पर भी ड्रोन हमला हुआ था, जिससे काफी भौतिक नुकसान हुआ लेकिन कोई मानवीय चोट नहीं आई।

कुवैत सरकार और अंतरराष्ट्रीय रुख क्या है?

  • कुवैत के विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने इन हमलों को क्रूर बताया और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा कहा।
  • कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर अपनी संप्रभुता के उल्लंघन की शिकायत की।
  • सरकार ने साफ किया है कि यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत उसे अपनी आत्मरक्षा करने का पूरा कानूनी अधिकार है।
  • सुरक्षा के साथ-साथ सरकार ने देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की रणनीति भी बनाई है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.