कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी ने फ्रांस के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग और सैन्य रिश्तों को और मजबूत करने पर विस्तार से बात हुई. कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) ने इस बातचीत की जानकारी दी है.
रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुवैत अपने अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स के साथ रणनीतिक रक्षा बातचीत को आगे बढ़ा रहा है. हाल के घटनाक्रमों को देखें तो मार्च 2026 में कुवैत के रक्षा मंत्री Abdullah Ali Al-Salem Al-Sabah ने फ्रांस की रक्षा मंत्री Catherine Vautrin से मुलाकात की थी. उस दौरान अतिरिक्त सैन्य मदद और रक्षा सुदृढ़ीकरण पर चर्चा हुई थी, क्योंकि उस समय क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ा हुआ था.
फ्रांस ने कुवैत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई है. मार्च 2026 में फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने साफ कहा था कि फ्रांस, कुवैत सहित खाड़ी देशों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाने में हर संभव मदद करने के लिए तैयार है.
ट्रेनिंग और समझौतों का सिलसिला
दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल केवल बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी काम हो रहा है. जुलाई 2025 में कुवैत नेशनल गार्ड और French Gendarmerie के बीच एक समझौता (MoU) साइन हुआ था. इस समझौते का मकसद संयुक्त ट्रेनिंग और सुरक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे के अनुभव साझा करना है.
- जुलाई 2025 में कुवैत के अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al Sabah ने फ्रांस का आधिकारिक दौरा किया था.
- इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने सैन्य उपकरणों के इस्तेमाल और कुवैती सैनिकों के लिए फ्रांस में ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति जताई थी.
- अक्टूबर 2025 में नेशनल गार्ड के अंडरसेक्रेटरी Lieutenant General Hamad Al-Barjas ने फ्रांस में एक बैठक में हिस्सा लिया, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सैन्य बलों में इस्तेमाल पर चर्चा हुई.
इससे पहले नवंबर 2024 में कुवैत की सेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ Major General Sabah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने फ्रांस के मिलिट्री अटैशे Colonel Francois Dickes के साथ सैन्य मुद्दों पर चर्चा की थी. इन सभी कोशिशों का मकसद कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत सैन्य साझेदारियां बनाना है.