कुवैत फंड फॉर अरब इकोनॉमिक डेवलपमेंट (KFAED) ने यमन में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के साथ मिलकर 10 लाख अमेरिकी डॉलर की ग्रांट का समझौता किया है। इस राशि का उपयोग यमन में एक वोकेशनल एजुकेशन इंस्टिट्यूट की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यमन के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देना और उनके कौशल (skills) को विकसित करना है। इससे वहां के लोगों को बेहतर ट्रेनिंग मिलेगी जिससे उन्हें रोजगार मिलने में आसानी होगी और देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

कुवैत लगातार यमन की मदद के लिए आगे आ रहा है। KFAED ने हाल के समय में कई अन्य महत्वपूर्ण अनुदान भी दिए हैं। इसमें भूख और बीमारियों से लड़ने के लिए UN OCHA को 10 लाख डॉलर की मदद और पब्लिक सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे स्कूल और हेल्थ सेंटर को सुधारने के लिए IOM को 15 लाख डॉलर की ग्रांट शामिल है।

इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं में रिन्यूएबल एनर्जी लाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को 25 लाख डॉलर दिए गए थे। वहीं, इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक ने भी स्टार्टअप और छोटे बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए ‘बिना बिजनेस इनक्यूबेटर’ पहल के तहत 36.1 लाख डॉलर मंजूर किए हैं।

यमन में वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स का काफी महत्व है क्योंकि ये युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ताइज़ में महिलाओं के सिलाई समूह और सना में सोलर ट्रेनिंग प्रोग्राम इसके कुछ अच्छे उदाहरण हैं जो स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास में मदद कर रहे हैं।

Sushma Kumari

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