कुवैत सरकार ने गर्मियों में बिजली की भारी मांग को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. अब देश में बिजली की कमी को दूर करने के लिए GCC देशों से बिजली मंगवाई जाएगी. इसके लिए बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक नया कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया है ताकि लोगों को पावर कट जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े और ग्रिड स्थिर रहे.

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क्या है यह नया बिजली समझौता और इसकी समय सीमा क्या है?

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MEW) ने GCC इंटरकनेक्शन अथॉरिटी (GCCIA) से बिजली आयात करने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट तैयार किया है. इस कॉन्ट्रैक्ट को जांच और मंजूरी के लिए 13 अप्रैल 2026 को स्टेट ऑडिट ब्यूरो (SAB) के पास भेजा गया है. यह समझौता मई 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक चलेगा, जो कुल 11 महीने की अवधि के लिए होगा.

आम लोगों और बिजली की सप्लाई पर इसका क्या असर होगा?

गर्मियों के दौरान कुवैत में बिजली की खपत बहुत बढ़ जाती है, जिससे लोकल सिस्टम पर दबाव पड़ता है. इस नए इंतजाम से पीक सीजन में बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के बनी रहेगी. GCC इंटरकनेक्शन प्रोजेक्ट के जरिए खाड़ी देश आपस में बिजली का आदान-प्रदान करते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है. कुवैत की GCCIA कंपनी में 26.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी है.

विवरण जानकारी
समझौते की अवधि मई 2026 से मार्च 2027
संबंधित विभाग MEW और GCCIA
मंजूरी देने वाली संस्था स्टेट ऑडिट ब्यूरो (SAB)
कुवैत की हिस्सेदारी 26.7%
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.