कुवैत ने अपने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। विदेश मंत्री शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने इस सिलसिले में खाड़ी देशों के बड़े नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बातचीत की है। उनका मुख्य मकसद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता लाना और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना है।
कुवैत और मिस्र के बीच क्या हुई बातचीत
20 अप्रैल 2026 को विदेश मंत्री शेख जराह ने काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की। इस बैठक में राष्ट्रपति अल-सिसी ने कहा कि कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता मिस्र की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और मिस्र इसका पूरा समर्थन करता है। दोनों नेताओं ने निवेश, व्यापार को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय मुद्दों पर एक राय बनाने पर चर्चा की। इससे पहले 19 अप्रैल को भी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बातचीत हुई थी।
संयुक्त राष्ट्र और ईरान के हमलों पर क्या है रुख
कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में बहरीन, यूएई, सऊदी अरब, कतर और जॉर्डन की ओर से एक साझा बयान पेश किया। इस बयान के जरिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की आजादी को खतरे में डालने वाली हरकतों का कड़ा विरोध किया गया। वहीं, 7 अप्रैल को GCC के पर्यटन मंत्रियों ने एक मीटिंग की जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की गई। कुवैत अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और सुरक्षा परिषद में एक संशोधित प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है।
कुवैत की हालिया कूटनीतिक गतिविधियां
| तारीख | मुख्य घटना या निर्णय |
|---|---|
| 20 अप्रैल 2026 | विदेश मंत्री की GCC देशों और मिस्र के राष्ट्रपति से चर्चा |
| 18 अप्रैल 2026 | UN में नौवहन सुरक्षा पर साझा बयान दिया गया |
| 7 अप्रैल 2026 | GCC पर्यटन मंत्रियों ने ईरानी हमलों की निंदा की |
| 3 अप्रैल 2026 | UN सुरक्षा परिषद ने GCC की संप्रभुता का समर्थन किया |
| 29 मार्च 2026 | अरब लीग की कार्यप्रणाली पर कुवैत ने उठाए सवाल |
