कुवैत सरकार अब अपने कामकाज के तरीके को पूरी तरह बदलने जा रही है. अब अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के डेटा को एक साथ जोड़ा जाएगा ताकि आम लोगों और प्रवासियों को सरकारी सेवाओं के लिए ज्यादा परेशान न होना पड़े. इस बड़े कदम से कागजी काम कम होगा और डिजिटल सेवाएं पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगी.

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सरकारी डेटा लिंक होने से क्या होगा फायदा?

  • आसान सेवाएं: काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने सभी सरकारी संस्थानों के बीच इलेक्ट्रॉनिक लिंक को सक्रिय करने पर जोर दिया है. इससे नागरिकों और निवासियों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार होगा.
  • प्रधानमंत्री के निर्देश: यह पूरी योजना प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह के निर्देशों के तहत लागू की जा रही है.
  • CAIT की भूमिका: Central Agency for Information Technology (CAIT) सुरक्षित नेटवर्क के जरिए सभी विभागों को जोड़ने का काम कर रहा है ताकि डेटा सुरक्षित रहे और काम तेजी से हो.
  • विज़न 2035: यह पहल ‘न्यू कुवैत 2035’ विज़न का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देश को एक डिजिटल सोसाइटी बनाना है.

डिजिटल सुरक्षा और नई तकनीक का इस्तेमाल

सरकार ने डेटा को सुरक्षित रखने और तकनीक को बढ़ाने के लिए दुनिया की बड़ी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है:

  • साइबर सुरक्षा: “Government Cyber Shield” प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अब National Cyber Security Center को सौंपी गई है. यह प्रोजेक्ट Google Cloud के साथ मिलकर बनाया गया है ताकि सरकारी सिस्टम को हैकर्स से बचाया जा सके.
  • AI का इस्तेमाल: कुवैत ने Microsoft के साथ रणनीतिक साझेदारी की है. इसके तहत AI डेटा सेंटर बनाए जाएंगे और सरकारी कर्मचारियों को Microsoft 365 Copilot जैसी सुविधाएं मिलेंगी.
  • Sahel ऐप की सफलता: प्रधानमंत्री ने बताया कि डिजिटल बदलाव की राह पर चलते हुए Sahel ऐप अब तक 25 मिलियन से ज्यादा ट्रांजेक्शन पूरे कर चुका है.

डिजिटल लेनदेन के नियम और कानून

कुवैत में डिजिटल कामकाज को कानूनी रूप देने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक कानून: Law No. 20 of 2014 के तहत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, सिग्नेचर और दस्तावेजों को कानूनी मान्यता दी गई है.
  • PACI की जिम्मेदारी: Public Authority for Civil Information (PACI) इलेक्ट्रॉनिक ऑथेंटिकेशन और डिजिटल सिग्नेचर की बुनियादी व्यवस्था तैयार करने के लिए जिम्मेदार है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या यह बदलाव कुवैत में रहने वाले प्रवासियों (Expats) के लिए फायदेमंद होगा?

हाँ, क्योंकि डेटा लिंक होने से प्रवासियों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उनके दस्तावेज डिजिटल रूप से एक जगह उपलब्ध होंगे जिससे काम जल्दी होगा.

सरकारी डेटा को सुरक्षित रखने के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

सरकार ने Google Cloud के साथ मिलकर “Government Cyber Shield” प्रोजेक्ट शुरू किया है और इसकी निगरानी अब National Cyber Security Center कर रहा है.