कुवैत की एक अदालत ने सरकारी निवेश फंड से पैसे चोरी करने के मामले में बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। इस घोटाले में सात लोगों को उम्रकैद की सजा मिली है जिनमें कुवैती नागरिकों के साथ दो अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। इस मामले में करोड़ों दीनार के जुर्माने और वसूली का आदेश दिया गया है।
अदालत ने क्या सजा सुनाई और कितना जुर्माना लगाया?
कुवैत की आपराधिक अदालत ने इस गबन मामले में सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने इन दोषियों पर कुल 9.8 करोड़ कुवैती दीनार का भारी जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, कोर्ट ने आरोपियों को 4.9 करोड़ कुवैती दीनार वापस जमा करने का आदेश भी दिया है।
पैसों की हेराफेरी के लिए कैसे किया गया फर्जीवाड़ा?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सरकारी निवेश फंड के पैसे हड़पने के लिए फर्जी लेनदेन का सहारा लिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुबई, अमेरिका और केमैन आइलैंड्स में नकली कानूनी मामले और फर्जी आर्बिट्रेशन केस दायर किए थे ताकि बिना किसी कानूनी आधार के फंड और फीस ली जा सके। इस घोटाले में Public Institution for Social Security (PIFSS) और Kuwait Ports Authority की हिस्सेदारी वाले फंड का इस्तेमाल हुआ था।
यूके कोर्ट में $1 बिलियन के भ्रष्टाचार का नया मामला
इसी तरह के एक अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामले में मार्च 2025 में यूके की एक अदालत में मुकदमा शुरू हुआ। इसमें PIFSS से जुड़े $1 बिलियन के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। इस केस में एसेट मैनेजर मैन ग्रुप और स्विस बैंक ईएफजी पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत निदेशक फहद अल रजान को रिश्वत दी थी। बता दें कि फहद अल रजान को 2016 में कुवैत में ही सार्वजनिक धन के गबन का दोषी ठहराया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत के इस गबन मामले में कुल कितना जुर्माना लगाया गया?
अदालत ने आरोपियों पर 9.8 करोड़ कुवैती दीनार का जुर्माना लगाया और 4.9 करोड़ दीनार वापस जमा करने का आदेश दिया है।
इस घोटाले को अंजाम देने के लिए किन देशों का इस्तेमाल हुआ?
इस फर्जीवाड़े के लिए दुबई, अमेरिका और केमैन आइलैंड्स में नकली कानूनी केस और फर्जी आर्बिट्रेशन केस दर्ज कराए गए थे।
