कुवैत में सरकारी दफ्तरों में काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया गया है। Public Authority for Food and Nutrition (PAFN) ने एक नया आदेश (Circular No. 5/2026) जारी करते हुए बताया है कि अब वर्कप्लेस पर कुल कर्मचारियों की संख्या में से केवल 30% ही उपस्थित रहेंगे। यह फैसला मौजूदा क्षेत्रीय हालातों को देखते हुए लिया गया है और यह नियम 5 मार्च, 2026 से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले का मकसद कर्मचारियों की सुरक्षा और सरकारी काम को सुचारू रूप से चलाना है।

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काम करने का नया तरीका क्या है?

नए नियमों के तहत कर्मचारियों को तीन अलग-अलग समूहों (Groups) में बांटा गया है। इसमें रोटेशन सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी एक दिन ऑफिस में काम करेंगे और उसके बाद उन्हें दो दिन की छुट्टी मिलेगी। ऑफिस आने वाले सभी कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए फिंगरप्रिंट सिस्टम का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।

प्रशासन ने साफ किया है कि जिन दिनों में कर्मचारी रोटेशन के कारण घर पर रहेंगे, उस समय को भी ‘वर्किंग टाइम’ ही माना जाएगा और उनकी सैलरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

किन लोगों को रोज ऑफिस आना पड़ेगा?

यह 30% क्षमता वाला नियम सभी पदों के लिए एक जैसा नहीं है। विभाग के निर्देशकों (Department Directors) को हर दिन ऑफिस आना अनिवार्य किया गया है। वहीं, सुपरवाइजर और सेक्शन हेड रोटेशन के हिसाब से ही काम करेंगे। जो कर्मचारी शिफ्ट में काम करते हैं, उन्हें अपने पहले से मंजूर किए गए शेड्यूल के हिसाब से ही ड्यूटी पर आना होगा।

यह फैसला Civil Service Commission (CSC) द्वारा जारी किए गए मुख्य सर्कुलर के आधार पर लिया गया है, जो कुवैत के सभी सरकारी संस्थानों पर लागू हो रहा है। Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने भी अपने स्टाफ के लिए इसी तरह के नियम लागू किए हैं।

सुरक्षा और सेवाओं पर क्या असर होगा?

PAFN के अधिकारियों ने बताया है कि यह कदम कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। हालिया सुरक्षा स्थितियों को देखते हुए कुवैत कस्टम्स (Customs) ने भी खाने-पीने की चीजों के निर्यात (Export) पर रोक लगा दी है ताकि स्थानीय बाजार में सामान की कमी न हो।

भारतीय दूतावास ने भी हाल ही में एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि, घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि जरूरी सेवाएं और डिजिटल सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.