कुवैत में मौज़ूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. हाल ही में आई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, क्षेत्रीय तनाव के शुरू होने के बाद से अब तक पूरे कुवैत में 91 बार खतरे के सायरन बजाए जा चुके हैं. कुवैत के गृह मंत्रालय (MOI) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नासिर बौस्लेब ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं. पिछले 24 घंटों में ही दो बार सायरन बजाए गए हैं, जिससे लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है.

क्या हैं सायरन बजने के नियम और उनके मतलब

कुवैत के गृह मंत्रालय ने आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए सायरन की आवाज़ को समझने के लिए गाइडलाइन जारी की है. अगर सायरन रुक-रुक कर बजता है, तो इसका मतलब है कि संभावित खतरा हो सकता है और आपको अलर्ट रहना है. अगर सायरन की आवाज़ ऊपर-नीचे (लहरदार) होती है, तो यह तत्काल खतरे का संकेत है. ऐसी स्थिति में लोगों को तुरंत घर के अंदर जाना चाहिए और खिड़कियों से दूर रहना चाहिए. वहीं, अगर सायरन लगातार बजता है, तो इसका मतलब है कि खतरा टल गया है और हालात सामान्य हैं.

मलबे और सुरक्षाबलों की तस्वीर लेने पर सख्त मनाही

कुवैत सेना और आंतरिक सुरक्षा बलों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या मलबे के पास न जाएं. रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि एयर डिफेंस सिस्टम ने अब तक 178 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और 384 ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया है. हवा में नष्ट किए गए मलबे कुवैत के कई हिस्सों में गिरे हैं, जिसके 403 मामलों को डिस्पोजल टीम ने संभाला है. प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा बलों की आवाजाही या मलबे की तस्वीरें लेना और उन्हें सोशल मीडिया पर डालना पूरी तरह से मना है. अगर किसी को कोई मलबा दिखता है, तो उन्हें तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर फोन करना चाहिए.

बुनियादी सुविधाएं सामान्य, अफवाहों से बचने की सलाह

कुवैत में पानी और बिजली मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद सभी यूटिलिटी सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहे हैं और घबराने की कोई बात नहीं है. पिछले 24 घंटे में दो पैरामेडिक्स के मलबे की चपेट में आने की खबर सामने आई है, जिनका इलाज चल रहा है. सरकार ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक सरकारी अकाउंट्स से आने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें. किसी भी तरह की गलत जानकारी या अफवाह फैलाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com