कुवैत ने अपने नए गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम की शुरुआत करते हुए पहली बार 15 साल का रेजिडेंसी परमिट जारी किया है। कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा ने 14 जुलाई 2026 को यह परमिट Lulu Group International के चेयरमैन यूसुफ अली एम.ए. को सौंपा। यह कदम कुवैत में बड़े विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और देश को एक मजबूत आर्थिक केंद्र बनाने की दिशा में उठाया गया है।
नियम और निवेश की शर्तें
गोल्डन रेजिडेंसी सिस्टम के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 14 जून 2026 को कैबिनेट रिजोल्यूशन नंबर 651 के तहत लागू किया गया था। इस प्रोग्राम के तहत बिजनेस इन्वेस्टमेंट रूट का चयन करने वालों के लिए कुवैत डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन अथॉरिटी (KDIPA) से लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी है। इसमें मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- कुल निवेश कम से कम KD 5 मिलियन (करीब 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर) होना चाहिए।
- कुवैत में KD 1 मिलियन (करीब 3.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की पेड-अप कैपिटल जमा रखनी होगी।
- KDIPA आवेदन का मूल्यांकन रोजगार सृजन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और एक्सपोर्ट क्षमता के आधार पर करता है।
यह गोल्डन रेजिडेंसी प्रोग्राम गृह मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें KDIPA की सलाह ली जाती है। यह रेजिडेंसी परमिट अधिकतम 15 साल के लिए दी जाती है, लेकिन इसमें कुवैती नागरिकता मिलने का कोई प्रावधान नहीं है।
