कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय में फर्जी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के जरिए वेतन हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है. कुछ कर्मचारियों ने मिलकर सरकारी सिस्टम में हेराफेरी की ताकि बिना काम किए उन्हें पूरी सैलरी मिलती रहे. अब कोर्ट ऑफ अपील ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ क्रिमिनल कोर्ट के फैसले को सही माना है.

बायोमेट्रिक घोटाले में कितने पैसों का गबन हुआ?

जांच में पता चला है कि मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक फिंगरप्रिंट सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी. इस वजह से कई कर्मचारियों ने बिना नियमित ड्यूटी किए वेतन लिया. इस पूरे घोटाले से सरकार को करीब 2 लाख 60 हजार कुवैती दिनार का नुकसान हुआ है. गबन की राशि का विवरण नीचे दिया गया है:

आरोपी गबन की अनुमानित राशि (कुवैती दिनार)
दूसरा आरोपी (इंजीनियर) 1,01,000
तीसरा आरोपी 77,000
कुल अनुमानित नुकसान 2,60,000

जांच में क्या बातें सामने आईं और क्या हुई कार्रवाई?

अभियोजन पक्ष और Criminal Investigation Department (CID) की जांच के मुताबिक, एक सरकारी कर्मचारी ने दूसरे आरोपी को बायोमेट्रिक सिस्टम से छूट दी और उसकी अनुपस्थिति के बावजूद हाजिरी दर्ज की. नवंबर 2019 में CID ने मंत्रालय के 38 कर्मचारियों की जांच की थी. इसके अलावा, कुवैत में अन्य मंत्रालयों और अल्-अहमदी गवर्नरेट में सिलिकॉन फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने वाले 12 कुवैती और दो प्रवासियों (मिस्र और बांग्लादेशी) को गिरफ्तार किया गया है.

एक अन्य मामले में, कोर्ट ऑफ कैसेशन ने एक सरकारी कर्मचारी को 5 साल की कैद की सजा सुनाई है, जिसने 10 साल तक बिना काम किए वेतन लिया था. उसे 3,12,000 कुवैती दिनार चुकाने का आदेश दिया गया है.

कुवैत में बायोमेट्रिक नियमों का पालन क्यों जरूरी है?

कुवैत सरकार ने अब नागरिकों और प्रवासियों के लिए बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंटिंग अनिवार्य कर दी है. इसके लिए 2024 और 2025 की समय-सीमा तय की गई है. जो लोग इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके सरकारी लेनदेन और दस्तावेजी काम रोक दिए जाएंगे. प्रवासियों के लिए इन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है ताकि उन्हें वीज़ा या अन्य सरकारी सेवाओं में दिक्कत न आए.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय में वेतन घोटाला कैसे हुआ?

मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक फिंगरप्रिंट सिस्टम में हेराफेरी करके कर्मचारियों ने बिना ड्यूटी किए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और फर्जी तरीके से वेतन लिया.

क्या इस घोटाले में प्रवासियों की भी भूमिका थी?

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस विशिष्ट मामले में सरकारी कर्मचारी और इंजीनियर शामिल थे, लेकिन अन्य मंत्रालयों में सिलिकॉन फिंगरप्रिंट धोखाधड़ी में मिस्र और बांग्लादेशी प्रवासियों की गिरफ्तारी हुई है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.