कुवैत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अहमद अल-अवादी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सात प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई उन सेंटर्स के खिलाफ की गई है जिन्होंने नियमों की जमकर अनदेखी की थी। जांच के दौरान वहां कई गंभीर खामियां पाई गईं जिसके बाद सरकार ने यह सख्त फैसला लिया।

इस crackdown में एक मेडिकल सेंटर, एक क्लिनिक, फिजियोथेरेपी सेंटर और होम हेल्थकेयर सर्विस कंपनियां शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन सेंटर्स में लाइसेंसिंग नियमों और प्रोफेशनल प्रैक्टिस का पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही तकनीकी और प्रशासनिक नियमों को भी ताक पर रखा गया था।

बिना डिग्री के लगा रहे थे इंजेक्शन

सालमिया इलाके के एक मेडिकल सेंटर को मेडिकल लायबिलिटी अथॉरिटी के पास जांच के लिए भेजा गया है। जांच में यह बात सामने आई कि वहां बिना लाइसेंस के लोग इलाज कर रहे थे। अधिकारियों ने पाया कि एक व्यक्ति जो सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर रजिस्टर्ड था, वह मरीजों को मेडिकल सलाह दे रहा था और बोटॉक्स और फिलर्स जैसे कॉस्मेटिक इंजेक्शन लगा रहा था। वहीं एक रिसेप्शनिस्ट को इलाज से पहले की जरूरी प्रक्रियाएं करते हुए पकड़ा गया।

अवैध दवाओं का मिला जखीरा

इस पूरे ऑपरेशन में हेल्थ लाइसेंसिंग विभाग, ड्रग इंस्पेक्शन विभाग, पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विभाग ने मिलकर काम किया। जांच के दौरान ऐसी दवाइयां और इंजेक्शन मिले जिनके लिए ड्रग इंस्पेक्शन विभाग से कोई मंजूरी नहीं ली गई थी। इन दवाओं का इस्तेमाल कॉस्मेटिक और इलाज के कामों में किया जा रहा था।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कहा है कि वह ऐसे कैंपेन आगे भी जारी रखेगा। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स कानूनी और प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन करें ताकि मरीजों के अधिकारों की रक्षा हो सके और इलाज की क्वालिटी बेहतर बनी रहे।