कुवैत के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में भारी ट्रकों, बसों और मशीनों की बेतरतीब पार्किंग से लोग काफी परेशान हैं। सड़कों पर खड़े इन वाहनों की वजह से ट्रैफिक जाम बढ़ रहा है और शहर की खूबसूरती खराब हो रही है। अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए नगर परिषद ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है।

नगर परिषद सदस्य और जहरा गवर्नररेट कमेटी के चेयरमैन Abdullah Al-Enezi ने कहा कि सड़कों पर खड़े इन भारी वाहनों से ट्रैफिक सुरक्षा और पर्यावरण को काफी नुकसान पहुँच रहा है। उन्होंने इसे लोगों के जीवन की गुणवत्ता के लिए खतरा बताया और तुरंत समाधान निकालने की मांग की।

सरकारी विभागों की होगी संयुक्त कार्रवाई

इस समस्या को सुलझाने के लिए मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर म्युनिसिपल एंड हाउसिंग अफेयर्स ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब Kuwait Municipality, Ministry of Public Works और Ministry of Finance मिलकर काम करेंगे। ये विभाग पुराने पार्किंग स्थलों की दोबारा जांच करेंगे और उन्हें सही तरीके से चलाने के लिए एक सरकारी एजेंसी तय करेंगे। इसका मकसद सरकारी जमीन का सही इस्तेमाल करना और अवैध पार्किंग को पूरी तरह बंद करना है।

ट्रकों के चलने के समय में बदलाव

General Traffic Department ने ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए पीक ऑवर्स के दौरान ट्रकों के चलने पर पाबंदी लगाई है। नियम इस प्रकार हैं:

  • 1 सितंबर से 14 जून तक: सुबह 6:30 से 9:00 बजे और दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक ट्रक प्रतिबंधित रहेंगे।
  • 15 जून से 31 अगस्त तक: दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक ट्रकों के चलने पर रोक रहेगी।

लावारिस वाहनों पर भी कड़ी नजर

कैपिटल गवर्नररेट म्युनिसिपलिटी के डायरेक्टर Faisal Al-Otaibi ने बताया कि सड़कों की सफाई और नियमों के पालन के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

म्युनिसिपलिटी ने पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में लावारिस गाड़ियां हटाई हैं। मई 2026 में 99 और जून 2026 में 384 लावारिस गाड़ियां हटाई गईं, साथ ही सैकड़ों लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया।

पुराने पार्किंग स्थलों का अपडेट

साल 2009 में कैबिनेट ने जहरा और अहमादी गवर्नररेट में पांच बड़े पार्किंग स्थल बनाने का फैसला किया था। ये पांचों साइट्स 5 लाख स्क्वायर मीटर की थीं, जिन्हें Ministry of Public Works को सौंपा गया था। सरकार अब इन्हीं व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है ताकि भारी वाहनों को सड़कों के बजाय सही जगह खड़ा किया जा सके।