Kuwait-India Flight Update: कुवैत और भारत के बीच बढ़ेंगी हवाई उड़ानें, यात्रियों के लिए बढ़ेगी सीटों की संख्या

भारत और कुवैत के बीच हवाई यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों ने हाथ मिलाया है. कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अध्यक्ष शेख हमूद मुबारक अल-हमूद अल-सबाह और भारतीय राजदूत परमita त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर चर्चा की है. इस कदम का सीधा असर उन भारतीयों और प्रवासियों पर पड़ेगा जो अक्सर इन दोनों देशों के बीच सफर करते हैं.

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बैठक में किन बातों पर चर्चा हुई?

इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सिविल एविएशन यानी नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर बात हुई. अधिकारियों ने हवाई परिवहन को और ज्यादा सुविधाजनक बनाने और इस सेक्टर में एक-दूसरे के अनुभव साझा करने के तरीकों पर विचार किया. दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि हवाई सेवाओं का विकास यात्रियों की जरूरतों के हिसाब से होना चाहिए.

फ्लाइट सीटों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई?

जुलाई 2025 में हुए एक बड़े समझौते के तहत भारत और कुवैत के बीच हवाई ट्रैफिक अधिकारों का विस्तार किया गया. इस फैसले के बाद साप्ताहिक सीटों की क्षमता 12,000 से बढ़ाकर 18,000 कर दी गई. यह करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जिससे अब यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी और सफर का खर्च भी नियंत्रित रहने की उम्मीद है.

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट की अभी क्या स्थिति है?

हवाई सेवाओं को बढ़ाने की तैयारी के बीच एक बड़ी चुनौती यह है कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 फरवरी से बंद है. ड्रोन हमलों और सुरक्षा कारणों की वजह से कमर्शियल यात्री फ्लाइट्स पर रोक लगी हुई है. DGCA ने बताया कि जब तक पूरी सुरक्षा जांच और मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक उड़ानें शुरू नहीं होंगी. इस बीच भारतीय राजदूत ने कुवैत एयरवेज के साथ भी चर्चा की है ताकि सुरक्षा स्थिति के बावजूद भारतीय नागरिकों की आवाजाही सुगम बनी रहे.