कुवैत में रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर आई है। भारतीय दूतावास ने अपनी सामान्य सेवाओं को 19 जुलाई 2026 तक के लिए निलंबित कर दिया है। अब दूतावास केवल उन मामलों को देखेगा जो बहुत ज्यादा जरूरी हैं, जबकि बाकी सभी काम इस तारीख तक रुके रहेंगे।
🚨: US ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए, दुबई के फाइनेंसर अली अंसारी और कई कंपनियों पर गिरी गाज।
दूतावास ने 9 जुलाई 2026 को एक नोटिस जारी कर बताया कि यह फैसला प्रशासनिक कारणों से लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने इसे संसाधनों के “अस्थायी परिचालन पुनर्संतुलन” (temporary operational rebalancing) का नाम दिया है। इससे पहले भी 2 जुलाई से 9 जुलाई तक कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं, जिन्हें अब आगे बढ़ा दिया गया है।
कौन से काम होंगे और कौन से नहीं
अगर आपका काम बहुत जरूरी है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। इसमें निम्नलिखित सेवाएं शामिल हैं:
- तत्काल पासपोर्ट बनवाना
- NRI सर्टिफिकेट
- जिनका Civil ID खत्म हो रहा है, उनके लिए कम समय वाले पासपोर्ट
- इमरजेंसी सर्टिफिकेट
- ई-वीज़ा
इन सेवाओं के लिए आपको जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे ताकि साबित हो सके कि आपका काम वाकई जरूरी है। वहीं, सामान्य पासपोर्ट, अटैस्टेशन और रेगुलर वीज़ा के आवेदन इस दौरान बिल्कुल नहीं लिए जाएंगे।
कहां और कब जाएं
जिन्हें इमरजेंसी मदद चाहिए, वे सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच दूतावास के Consular Wing में जा सकते हैं। खास बात यह है कि कुवैत के सभी भारतीय Consular Application Centres (ICAC) अगले नोटिस तक बंद रहेंगे और वहां कोई आवेदन नहीं लिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह सिर्फ एक अस्थायी व्यवस्था है। इसका भारत की वीज़ा पॉलिसी या यात्रा नियमों से कोई लेना-देना नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले ही बताया था कि ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और UAE में भारतीय मिशन सीमित सेवाएं दे रहे हैं और आउटसोर्सिंग एजेंसियों का काम फिलहाल बंद है। दूतावास ने लोगों से अपील की है कि वे अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक सोशल मीडिया और चैनलों पर ही भरोसा करें।
