कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय दूतावास ने पासपोर्ट और कई अन्य कौंसुलर सेवाओं की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा, जिसके बाद पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने में अब पहले से ज़्यादा खर्चा आएगा।

यह बदलाव भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी ‘पासपोर्ट्स (संशोधन) नियम, 2026’ के तहत किया गया है। यह नियम सिर्फ कुवैत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मौजूद सभी भारतीय दूतावासों और काउंसलेट्स पर लागू होगा। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी 20 जून 2026 को नोटिफिकेशन के ज़रिए दी थी।

फीस बढ़ाने का कारण

सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सिस्टम को और ज़्यादा सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पासपोर्ट की सिक्योरिटी फीचर्स को बेहतर करने, साइबर सुरक्षा बढ़ाने और विदेशों में दूतावासों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए यह फैसला लिया गया है। बता दें कि करीब 14 साल बाद यानी 2012 के बाद पहली बार फीस में इतना बड़ा बदलाव किया गया है।

इन सेवाओं के दाम बढ़ेंगे

नए नियमों के मुताबिक, नया पासपोर्ट बनवाने, पुराने को रिन्यू कराने, तत्काल सेवा, खोए हुए या फटे पासपोर्ट को बदलने और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) जैसी कई सेवाओं की फीस बढ़ जाएगी। नीचे दी गई टेबल में नए और पुराने रेट्स की जानकारी दी गई है:

सेवा का नाम पुरानी फीस (रुपये) नई फीस (रुपये)
36 पेज पासपोर्ट (नॉर्मल) 1,500 2,500
36 पेज पासपोर्ट (तत्काल) 3,500 5,000
60 पेज पासपोर्ट (नॉर्मल) 2,000 3,500
60 पेज पासपोर्ट (तत्काल) 4,000 6,000
बच्चों का पासपोर्ट (नॉर्मल) 1,000 1,750
बच्चों का पासपोर्ट (तत्काल) 3,000 4,250
खोया/खराब पासपोर्ट (36 पेज नॉर्मल) 3,000 5,000
पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) 500 750

इसके अलावा, सरेंडर सर्टिफिकेट और अन्य छोटे सर्टिफिकेट्स की फीस भी 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है। विदेश में जारी होने वाले इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 डॉलर का शुल्क तय किया गया है।

कुवैत में रहने वालों के लिए ज़रूरी बातें

भले ही विदेश मंत्रालय ने रेट्स भारतीय रुपयों में बताए हैं, लेकिन कुवैत में भारतीय दूतावास और BLS इंटरनेशनल इसे कुवैती दीनार (KWD) में लागू करेंगे। स्थानीय मुद्रा में सटीक रेट्स की जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी। यह नया रेट उन सभी आवेदनों पर लागू होगा जो 1 जुलाई 2026 या उसके बाद जमा किए जाएंगे, चाहे आपने अपॉइंटमेंट पहले ही क्यों न बुक कर लिया हो।

राहत की बात यह है कि 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज़्यादा उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट आवेदन (ताजा आवेदन, रिन्यूअल नहीं) पर नॉर्मल फीस में 10 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।

दूतावास ने सलाह दी है कि जिन लोगों को नया पासपोर्ट बनवाना है या रिन्यू कराना है, वे 1 जुलाई 2026 से पहले अपनी एप्लीकेशन जमा कर दें ताकि वे पुरानी और कम फीस का फायदा उठा सकें। ज़्यादा जानकारी के लिए लोग भारतीय दूतावास या BLS इंटरनेशनल की वेबसाइट चेक कर सकते हैं।