कुवैत सरकार अब किसी भी बड़े संकट या इमरजेंसी के लिए अपने बुनियादी ढाँचे (infrastructure) को और मजबूत कर रही है। इसके लिए नेशनल सेंटर फॉर क्राइसिस मैनेजमेंट (AMAN) की टीम और पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री ने मिलकर खास चर्चा की है। इस कदम का मुख्य मकसद यह है कि किसी भी आपदा के समय बिजली, पानी और सड़क जैसी जरूरी सेवाएं बिना रुके चलती रहें और मुसीबत के समय मदद तेजी से पहुँच सके।
क्या है AMAN और सरकार की नई तैयारी?
नेशनल सेंटर फॉर क्राइसिस मैनेजमेंट यानी AMAN की टीम और पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री ने इमरजेंसी प्लान्स को बेहतर बनाने पर बात की है। सरकार चाहती है कि संकट आने पर रिस्पॉन्स टाइम कम हो और सभी विभागों के बीच तालमेल बेहतर रहे। इससे यह पक्का होगा कि किसी भी इमरजेंसी में आम जनता को होने वाली परेशानी कम हो और जरूरी सुविधाएं चालू रहें।
तैयारियों में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
इस पूरे अभियान में कई बड़े सरकारी विभाग जुटे हुए हैं। पब्लिक वर्क्स मिनिस्टर ट्रांसपोर्ट, पोर्ट्स और बाढ़ से बचाव के सिस्टम पर ध्यान दे रहे हैं। साथ ही, बिजली और पानी मंत्रालय के अधिकारी पावर स्टेशन और वॉटर कंट्रोल सेंटर की जांच कर रहे हैं ताकि बिजली-पानी की सप्लाई न रुके। आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने बॉर्डर क्रॉसिंग, कोस्ट गार्ड और सिविल डिफेंस ऑपरेशन्स रूम का जायजा लिया है।
कुवैत को इन तैयारियों की जरूरत क्यों पड़ी?
कुवैत में पिछले कुछ समय से कई चुनौतियां सामने आईं। मार्च के आखिर में भारी बारिश की वजह से इमरजेंसी टीमें तैनात करनी पड़ी थीं। इसके अलावा, 8 अप्रैल को ईरान की तरफ से हुए हमलों में तेल और बिजली प्लांट को काफी नुकसान पहुँचा था। इन घटनाओं के बाद सरकार ने बुनियादी सुविधाओं को और अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने का फैसला किया ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान से बचा जा सके।
