Instagram पर सस्ते मांस के विज्ञापन ने एक कुवैती नागरिक को भारी नुकसान पहुँचाया है। सिर्फ एक छोटी सी बुकिंग राशि के चक्कर में उनके पूरे बैंक अकाउंट का पैसा चोरी हो गया। इस घटना के बाद कुवैत के आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने नागरिकों और प्रवासियों को ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से सावधान रहने की सख्त सलाह दी है।
पूरा मामला यह है कि पीड़ित को इंस्टाग्राम पर ताज़ा कुवैती भेड़ के मांस का विज्ञापन दिखा, जिसमें कीमत सिर्फ 2.5 दीनार प्रति किलो बताई गई थी। जब पीड़ित ने व्हाट्सएप पर स्कैमर से बात की, तो उनसे 1 दीनार की मामूली बुकिंग फीस मांगी गई। जैसे ही पीड़ित ने दिए गए पेमेंट लिंक पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स डालीं, जालसाजों ने कुछ ही सेकंड में उनके खाते का पूरा बैलेंस निकाल लिया। पीड़ित ने इस संबंध में तैमा पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने चेतावनी दी है कि लोग मछली, मांस और पोल्ट्री जैसे खाद्य पदार्थों की अविश्वसनीय कम कीमतों वाले विज्ञापनों से बचें। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बिना जांच किए अपनी बैंकिंग जानकारी न दें। सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि जालसाज़ लोगों को लालच देकर मनोवैज्ञानिक तरीके से फँसाते हैं और नकली बैंकिंग वेबसाइट्स का इस्तेमाल करते हैं।
साइबर क्राइम और सरकारी कार्रवाई
कुवैत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं। साइबर क्राइम विभाग ने धोखाधड़ी में शामिल कुवैती नंबरों वाले 662 व्हाट्सएप अकाउंट्स को बंद किया है। वहीं, CITRA ने अप्रैल 2026 तक 172 साइबर फ्रॉड रिपोर्ट दर्ज की हैं, जिनमें से 31 मामले सोशल मीडिया फ्रॉड के थे।
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| सस्ते मांस का झांसा (कीमत) | 2.5 दीनार और 0.5 दीनार प्रति किलो |
| बुकिंग शुल्क (जालसाजी) | 1 दीनार |
| बंद किए गए व्हाट्सएप अकाउंट्स | 662 |
| CITRA साइबर फ्रॉड रिपोर्ट | 172 |
| सोशल मीडिया फ्रॉड केस | 31 |
| लाउंडर्ड फंड्स (अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क) | 100 मिलियन दीनार से अधिक |
फरवरी 2026 में आंतरिक मंत्रालय ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसने 2023 से अब तक 100 मिलियन दीनार से ज़्यादा की हेराफेरी की थी। यह पैसा फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों को ठग कर इकट्ठा किया गया था।
धोखाधड़ी रोकने के लिए कुवैत अब एक नया मीडिया कानून ला रहा है, जो 8 सितंबर 2025 तक लागू होने की उम्मीद है। इस नियम के तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटीज़ को ऑनलाइन किसी भी प्रोडक्ट का विज्ञापन करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना ज़रूरी होगा, ताकि उन्हें विज्ञापन की सच्चाई के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जा सके।
