कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। कुवैत के कानून और कोर्ट के फैसलों ने यह साफ कर दिया है कि अगर किसी लोन लेने वाले व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो उसके वारिसों यानी परिवार के सदस्यों को अपनी निजी संपत्ति से वह कर्ज चुकाने की जरूरत नहीं है। अगर लोन का बीमा कराया गया था, तो बची हुई लोन राशि को चुकाने की पूरी जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होती है।

कुवैत कानून और कोर्ट का क्या है ऐतिहासिक फैसला?

कुवैत के कोर्ट ऑफ कैसेंशन (Court of Cassation) ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि बैंक या कोई भी फाइनेंस कंपनी मृत व्यक्ति के वारिसों से कर्ज की वसूली नहीं कर सकती, बशर्ते लोन लेते समय लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली गई हो। कानूनी विशेषज्ञ Attorney Jassim Bandar ने बताया कि कुवैत की अदालतों ने यह सिद्धांत स्थापित किया है कि बीमा कंपनी ऐसे मामलों में गारंटर की भूमिका निभाती है।

इसी तरह कानूनी विशेषज्ञ Attorney Mohammad Al-Rifai ने भी पुष्टि की कि कानून बैंकों को वारिसों के निजी पैसों या संपत्ति पर दावा करने से रोकता है। बीमा कवर की पुष्टि होने के बाद बैंक कानूनी तौर पर परिवार को परेशान नहीं कर सकते हैं।

सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) के क्या हैं नियम?

सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत के निर्देशों के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने व्यक्तिगत, उपभोक्ता और आवास ऋण के लिए लाइफ इंश्योरेंस प्रक्रियाओं को लागू किया है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य व्यवस्थाएं की गई हैं:

  • ग्राहक आमतौर पर बीमा लागत का आधा हिस्सा वहन करते हैं, जो कुल बीमा राशि के 2% से अधिक नहीं होता है।
  • कुछ बैंक अपने ग्राहकों को राहत देने के लिए बीमा का पूरा खर्च खुद ही उठाते हैं।
  • लोन लेने वाले की मृत्यु होने की स्थिति में बीमा कंपनी बकाया ऋण राशि का भुगतान सीधे बैंक को करती है।
  • बैंकों को केवल विशेष परिस्थितियों में ही वारिसों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने या बैलेंस फ्रीज करने की अनुमति होती है, अन्यथा सामान्य बीमित लोन मामलों में वारिस पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कुवैत में कर्जदार की मौत के बाद उसके परिवार को लोन चुकाना पड़ता है?

नहीं, अगर लोन का बीमा (Insurance) कराया गया है, तो परिवार या वारिसों को अपनी निजी संपत्ति से लोन चुकाने की जरूरत नहीं होती। इसकी पूरी जिम्मेदारी बीमा कंपनी की होती है।

कुवैत में लोन इंश्योरेंस का खर्च कौन उठाता है?

सेंट्रल बैंक के नियमों के अनुसार, ग्राहक आमतौर पर इंश्योरेंस लागत का आधा हिस्सा (अधिकतम 2%) देते हैं, जबकि कुछ बैंक इस पूरे खर्च को खुद ही वहन करते हैं।