कुवैत की सेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए एक बड़ा हमला नाकाम कर दिया है। कुवैत की सशस्त्र सेना ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से भेजे गए 42 ड्रोन और 4 मिसाइलों को कुवैत के रक्षा तंत्र ने हवा में ही नष्ट कर दिया। यह हमला देश के जरूरी ठिकानों जैसे बिजली और पानी की सप्लाई वाले प्लांट को निशाना बनाने के लिए किया गया था। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।

हमले में किन चीजों को निशाना बनाया गया?

कुवैत की सेना के मुताबिक, इन हमलों का मुख्य उद्देश्य देश की बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुँचाना था। इसमें मुख्य रूप से एनर्जी और वॉटर फैसिलिटी यानी बिजली और पानी की सुविधाओं वाले केंद्रों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। गनीमत रही कि सेना ने समय रहते इन खतरों को पहचान लिया और उन्हें बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया। अभी तक किसी भी जगह से बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

प्रवासियों और आम जनता के लिए मुख्य जानकारी

कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़ी है। कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है और सभी बुनियादी सुविधाएं सुरक्षित हैं। इस हमले से जुड़े मुख्य तथ्य नीचे दिए गए हैं:

  • यह हमला 8 अप्रैल को पिछले 24 घंटों के दौरान हुआ।
  • कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक 4 मिसाइलों को मार गिराया।
  • कुल 42 ड्रोन्स को भी सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
  • इन हमलों का आरोप ईरान पर लगाया गया है।
  • हमले का मुख्य निशाना ऊर्जा और जल संसाधन केंद्र थे।
  • कुवैत की सेना ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा और गश्त बढ़ा दी है।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com