कुवैत में 31 जुलाई 2026 की रात और 1 अगस्त 2026 की सुबह के दौरान कई संदिग्ध ड्रोन हमले देखे गए। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Colonel Staff Saud Abdulaziz Al-Atwan ने पुष्टि की कि कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इन हमलों के कारण देश के कई सैन्य और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

हमले के बाद की स्थिति

इस घटना के दौरान कुवैत के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि इन ड्रोन के गिरने से कुछ जगहों पर मलबा फैलने के कारण भौतिक नुकसान हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति की जान जाने की खबर नहीं है। कुवैत के अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की है।

ईरान की जिम्मेदारी और तनाव

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, ईरान की सेना ने सार्वजनिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान ने दावा किया कि उन्होंने कुवैत में स्थित Ahmad Al-Jaber Air Base जैसे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सेना द्वारा हाल ही में उनके ठिकानों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है। यह घटना क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ रहे तनाव और 2026 Iran war के माहौल के बीच हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.