कुवैत में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षा स्थिति काफी गंभीर हो गई है। ईरान की ओर से किए गए बड़े हमले में कुवैत के अहम ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। कुवैत की सेना ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है। हालांकि, इस हमले की वजह से कुछ बिजली घरों और तेल कंपनियों की संपत्तियों को नुकसान पहुँचा है। कुवैत में रहने वाले लोग और प्रवासी इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए हैं क्योंकि इसका असर रोज़ाना की सुविधाओं पर पड़ सकता है।

हमले में क्या-क्या नुकसान हुआ और सेना ने क्या कदम उठाए?

कुवैत की सेना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में 9 मिसाइल, 4 क्रूज मिसाइल और 31 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। यह हमला देश के मुख्य बुनियादी ढांचे पर किया गया था। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के अल-शुवैख (Al-Shuwaikh) स्थित मुख्यालय में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। इसके अलावा पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज कंपनी की कई सुविधाओं में भी नुकसान की खबर है। सेना ने स्पष्ट किया है कि धमाकों की जो आवाज़ें सुनाई दीं, वे सुरक्षा प्रणालियों द्वारा खतरों को हवा में नष्ट करने की वजह से थीं।

आम जनता और सुविधाओं पर हमले का क्या असर होगा?

इस हमले का असर बिजली और सरकारी कामकाज पर देखने को मिल रहा है। बिजली और जल मंत्रालय ने बताया कि दो बिजली उत्पादन स्टेशनों को नुकसान पहुँचा है, जिससे बिजली उत्पादन की क्षमता में थोड़ी कमी आई है। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 अप्रैल 2026 को अपने कर्मचारियों के लिए रिमोट वर्क यानी घर से काम करने का आदेश दिया है।

  • बिजली और पानी: ड्रोन हमले से दो प्लांट की यूनिट बंद हुई हैं, लेकिन सप्लाई स्थिर रखने की कोशिश जारी है।
  • मंत्रालय परिसर: मंत्रालयों के कॉम्प्लेक्स में भारी भौतिक नुकसान हुआ है।
  • सुरक्षा: कुवैती सेना हाई अलर्ट पर है और नागरिकों से शांत रहने की अपील की गई है।
  • जान-माल का नुकसान: अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या जान जाने की सूचना नहीं है।
  • पिछला रिकॉर्ड: 3 और 4 अप्रैल को भी कुवैत ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया था।