Kuwait के Ministry of Interior ने ड्रग्स के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। हाल ही में Criminal Security Sector ने अलग-अलग मामलों में 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अलग-अलग देशों के रहने वाले हैं और इनके पास से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, शराब और हथियार मिले हैं।

जब्त किए गए नशीले पदार्थों की पूरी लिस्ट

  • Shabu: 1 किलो और 10 ग्राम
  • Lyrica Capsules: 2,218 कैप्सूल
  • Lyrica Powder: 2 किलोग्राम
  • Hashish: 5 ग्राम

पुलिस ने इन सामानों के साथ-साथ नकदी और हथियार भी बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि इन चीजों का इस्तेमाल तस्करी और निजी इस्तेमाल के लिए किया जा रहा था। Ministry of Interior का कहना है कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए की गई है।

नया कानून और सख्त सजा के नियम

कुवैत में 15 दिसंबर 2025 से नया एंटी-नारकोटिक्स कानून (Amiri Decree Law No. 59 of 2025) लागू हो चुका है। इस कानून के तहत ड्रग्स की तस्करी, उत्पादन या खेती करने वालों को मौत की सजा या उम्रकैद हो सकती है। साथ ही 1 लाख से 20 लाख कुवैती दीनार तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

जो लोग नशे की लत से जूझ रहे हैं, उनके लिए सरकार ने राहत का रास्ता भी रखा है। अगर कोई व्यक्ति पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले खुद स्वेच्छा से इलाज के लिए रिहैब सेंटर जाता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई से छूट मिल सकती है।

प्रवासियों और आम लोगों के लिए जरूरी जानकारी

कुवैत की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की जेलों में बंद लगभग 60 प्रतिशत कैदी ड्रग्स से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं। हर 100 आपराधिक मामलों में से करीब 70 मामलों का संबंध नशे से पाया गया है।

भारत समेत अन्य देशों से आए प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे कानून का सख्ती से पालन करें। Ministry of Interior ने नागरिकों और निवासियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें ताकि समाज को सुरक्षित रखा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में ड्रग्स तस्करी की सजा क्या है?

नए कानून के तहत ड्रग्स की तस्करी, उत्पादन या खेती के लिए मौत की सजा या उम्रकैद हो सकती है और जुर्माना 1 लाख से 20 लाख कुवैती दीनार तक हो सकता है।

क्या नशे की लत छुड़ाने के लिए कोई कानूनी मदद मिलती है?

हाँ, नए कानून के अनुसार जो लोग पुलिस कार्रवाई से पहले खुद स्वेच्छा से इलाज और रिहैबिलिटेशन के लिए आगे आते हैं, उन्हें कानूनी अभियोजन से छूट दी जा सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.