कुवैत के interior ministry ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार लोगों के फोन कॉल्स और ऐप्स की निगरानी कर रही है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि ऐसी बातें सिर्फ अफवाहें हैं और जनता को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

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क्या सरकार फोन कॉल्स और ऐप्स की जासूसी कर रही है?

कुवैत के interior ministry ने 3 मई 2026 को एक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि कॉल रिकॉर्ड करने या मोबाइल ऐप्स के डेटा को एक्सेस करने जैसा कोई सिस्टम नहीं है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन खबर शेयर करने से पहले उसकी जांच जरूर करें और केवल सरकारी स्रोतों की बात मानें।

डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए क्या नियम हैं?

कुवैत में डेटा की सुरक्षा के लिए Data Privacy Protection Regulation (DPPR) लागू किया गया है, जो 1 जनवरी 2025 से प्रभावी है। इसके तहत कुछ मुख्य नियम तय किए गए हैं:

  • डेटा इकट्ठा करने के लिए यूजर की स्पष्ट मंजूरी जरूरी है।
  • कंपनियों को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी एकदम साफ रखनी होगी।
  • अगर डेटा चोरी होता है, तो 72 घंटे के भीतर CITRA और संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी देना अनिवार्य है।

इसके अलावा, National Cybersecurity Center ने अप्रैल 2026 में लोगों को चेतावनी दी थी कि वे ऐप्स को ट्रैकिंग परमिशन देते समय सावधानी बरतें और डीपफेक वीडियो जैसी फर्जी खबरों से बचें।

गलत खबर फैलाने वालों के लिए क्या है चेतावनी?

मंत्रालय के जनसंपर्क विभाग के डायरेक्टर कर्नल फैसल सैंड ओबीडुल्लाह ने साफ कहा है कि गलत जानकारी फैलाने या समाज में डर पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। General Directorate for Combating Cybercrimes सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रहा है।

सरकार ने पहले ही सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें जनवरी 2026 में AI से फर्जी वीडियो बनाने वालों और मार्च 2026 में बिना इजाजत वीडियो बनाकर पोस्ट करने वालों को गिरफ्तार किया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कुवैत सरकार निजी फोन कॉल्स की निगरानी कर रही है?

नहीं, कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने 3 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर इन दावों को गलत बताया है और कहा है कि ऐसा कोई सिस्टम मौजूद नहीं है।

सोशल मीडिया पर गलत खबर फैलाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि साइबर क्राइम विभाग ऑनलाइन कंटेंट की लगातार निगरानी कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.