कुवैत के Interior Ministry ने 10 मई 2026 को अपना नया Paperless Transactions प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस नई पहल का मकसद सरकारी कामों को आसान बनाना और कागज़ों के इस्तेमाल को पूरी तरह कम करना है। अब आम नागरिकों और प्रवासियों को अपने ज़रूरी सरकारी कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर कम काटने होंगे और ज़्यादातर काम घर बैठे हो सकेंगे।

Sahel App से कैसे होंगे सरकारी काम?

सरकार ने ज़्यादातर बुनियादी सरकारी सेवाओं को Sahel App पर उपलब्ध करा दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता Sultan Nayef Al-Adwani ने बताया कि अब लोग सिर्फ एक बटन दबाकर अपने काम पूरे कर सकते हैं। इस डिजिटल बदलाव के तहत कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • पासपोर्ट अपडेट: फरवरी 2026 से प्रवासियों के लिए पासपोर्ट की डिटेल इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अपडेट करने की सुविधा शुरू की गई थी।
  • क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन: जनवरी 2026 में इस विभाग ने भी तीन नई डिजिटल सेवाएं Sahel App पर जोड़ी थीं।
  • ट्रांसपोर्ट सेवाएं: अप्रैल 2026 में ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने चार नई ई-सर्विसेज शुरू कीं जिससे लोग अपने नाम पर रजिस्टर्ड फोन नंबर देख और मैनेज कर सकते हैं।

सर्विस सेंटर और ड्राइव-थ्रू की नई सुविधाएँ क्या हैं?

उन लोगों के लिए जो तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर पाते, सरकार ने देशभर के सर्विस सेंटर्स को अपडेट किया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने घर के पते की चिंता किए बिना कुवैत के किसी भी सर्विस सेंटर पर जाकर अपना काम करवा सकता है। इसके अलावा कुछ खास इंतज़ाम भी किए गए हैं:

  • ड्राइव-थ्रू सेंटर: हर गवर्नरेट में कम से कम एक ड्राइव-थ्रू सेंटर बनाया गया है।
  • विशेष लाभ: यह सुविधा बुजुर्गों, दिव्यांग लोगों और गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए है ताकि वे बिना गाड़ी से उतरे अपना काम पूरा कर सकें।
  • कागज़ मुक्त प्रक्रिया: मिनिस्ट्री ने साफ़ किया है कि अब ज़्यादातर प्रक्रियाओं के लिए डॉक्यूमेंट्स प्रिंट कराने की ज़रूरत नहीं होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत के नए पेपरलेस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को तेज़ बनाना, कागजी कार्रवाई को खत्म करना और प्रशासन में कुशलता लाना है ताकि लोग आसानी से अपने काम कर सकें।

बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए क्या विशेष सुविधा दी गई है

उनके लिए हर गवर्नरेट में ड्राइव-थ्रू सर्विस सेंटर शुरू किए गए हैं जिससे वे अपनी गाड़ी में बैठे-बैठे ही सरकारी ट्रांजेक्शन पूरे कर सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.