कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह, 12 मार्च 2026 को कई ड्रोन से हमला किया गया. डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में केवल संपत्ति का मामूली नुकसान हुआ है और किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है. कुवैत में काम करने वाले और वहां से यात्रा करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह राहत की खबर है कि एयरपोर्ट पर सभी यात्री और कर्मचारी पूरी तरह से सुरक्षित हैं. सुरक्षा बलों ने आपातकालीन योजना के तहत स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया.
क्या है पूरी घटना और एयरपोर्ट का हाल?
DGCA के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राझी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया. यह योजना क्षेत्रीय संकट की शुरुआत से ही तैयार रखी गई थी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) के अनुसार, सुरक्षा अधिकारी और नागरिक उड्डयन विभाग मिलकर काम कर रहे हैं और उड़ान संचालन को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकालीन प्राधिकरण लगातार अलर्ट पर हैं. रक्षा मंत्रालय और वायु रक्षा इकाइयों ने कुवैत के उत्तरी हवाई क्षेत्र में दुश्मन के ड्रोन का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. एयरपोर्ट पर स्थिति पूरी तरह से काबू में है.
पिछले 24 घंटों में देश के अन्य हिस्सों का हाल
एयरपोर्ट के अलावा कुवैत के कुछ अन्य हिस्सों में भी ड्रोन हमले देखे गए हैं. रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में कुल सात दुश्मन ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. बम निरोधक दस्तों ने अब तक इन हमलों से जुड़े मलबे या संदिग्ध वस्तुओं की 172 रिपोर्ट दर्ज की हैं और उन पर कार्रवाई की है.
इस दौरान कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं:
- मंगफ क्षेत्र (Mangaf area) में हमला: दक्षिणी कुवैत के मंगफ इलाके में एक रिहायशी इमारत पर गुरुवार सुबह ड्रोन गिरा.
- आग और घायल: कुवैत फायर फोर्स के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल गरीब के अनुसार, इस हमले के कारण इमारत में हल्की आग लग गई और दो लोग घायल हो गए.
- सेना की मुस्तैदी: रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए सेना पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है.
कुवैत में रहने वाले आम लोग और प्रवासी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य रूप से जी रहे हैं, बस स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और थोड़ी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
