कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के कारण फ्यूल टैंक में लगी आग के बाद प्रधानमंत्री अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने शुक्रवार को एयरपोर्ट का दौरा किया। यह घटना क्षेत्रीय तनाव के बीच हुई है जहां कुवैत की सेना और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई है और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि विमानों की आवाजाही और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

एयरपोर्ट पर क्या हुआ और सुरक्षा को लेकर क्या कहा गया?

गुरुवार को कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज पर दो ड्रोन से हमला किया गया जिससे वहां आग लग गई। कुवैत फायर फोर्स, सेना और कुवैत ऑयल कंपनी की टीमों ने मिलकर आग को बुझाया। गृह मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने भी घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। अधिकारियों ने इस घटना को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया है।

इस हमले और क्षेत्र की स्थिति से जुड़ी मुख्य जानकारी

  • प्रधानमंत्री अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह ने शुक्रवार 27 मार्च 2026 को खुद एयरपोर्ट जाकर स्थिति का जायजा लिया।
  • कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में 6 बैलिस्टिक मिसाइलें भी ट्रैक की गईं जो खतरे वाले क्षेत्र से बाहर गिरीं।
  • कुवैत के नेशनल गार्ड ने इस क्षेत्रीय तनाव के दौरान अब तक कुल 46 ड्रोन मार गिराए हैं।
  • शुक्रवार सुबह शुवैख पोर्ट (Shuwaikh Port) को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी जिसे नाकाम कर दिया गया।
  • कुवैत ने ईरान के राजदूत मोहम्मद तूतोंजी को तलब कर इस हमले के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

डिप्लोमेटिक एक्शन और सरकारी प्रतिक्रिया का विवरण

संस्था / विभाग उठाया गया कदम या आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय ईरान के राजदूत को बुलाकर औपचारिक विरोध पत्र सौंपा गया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया।
रक्षा मंत्रालय सेना ने एक ड्रोन को नष्ट किया और कहा कि कुवैत के पास आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।
नागरिक उड्डयन एयरपोर्ट पर बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, परिचालन सामान्य रखने की कोशिश जारी है।