कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार 28 फरवरी 2026 को ईरानी ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री शेख अहमद अल-अब्दुल्ला अल-सबाह ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर वहां के हालातों का जायजा लिया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। हमले में एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल 1 को मामूली नुकसान पहुंचा है और कुछ कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने फिलहाल कुवैती हवाई क्षेत्र को सभी उड़ानों के लिए बंद कर दिया है जिससे हजारों यात्रियों पर असर पड़ा है।

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एयरपोर्ट पर हमले का असर और उड़ानों की ताजा स्थिति

ईरानी ड्रोन हमले की वजह से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 में सीमित भौतिक नुकसान हुआ है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-रजी ने पुष्टि की है कि हमले के तुरंत बाद आपातकालीन प्रक्रियाओं को सक्रिय कर दिया गया था। सुरक्षा कारणों से कुवैत ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

  • कुवैत एयरवेज और जज़ीरा एयरवेज ने अपनी सभी आने-जाने वाली उड़ानें स्थगित कर दी हैं।
  • प्रधानमंत्री ने फारवानिया अस्पताल जाकर घायल नागरिकों और कर्मचारियों का हालचाल जाना।
  • कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने उसी दिन अली अल-सलेम एयर बेस को निशाना बनाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की भी पुष्टि की है।
  • भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे सफर से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।

सुरक्षा को लेकर सरकार के सख्त नियम और निर्देश

कुवैत सरकार ने सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए आम जनता और प्रवासियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।

विषय नियम और निर्देश
सोशल मीडिया मिसाइल इंटरसेप्शन या सुरक्षा कर्मियों की फोटो और वीडियो बनाना सख्त मना है।
अफवाह नियंत्रण गलत जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी संपर्क किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें।
डिप्लोमैटिक एक्शन कुवैत ने ईरानी राजदूत मोहम्मद तोतौंची को बुलाकर हमले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
सॉवरेन्टी कुवैत ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया और आत्मरक्षा के अधिकार की बात कही है।