कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने रविवार, 26 अप्रैल 2026 से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और ड्रोन हमलों की वजह से यह एयरपोर्ट 28 फरवरी 2026 से बंद था। फिलहाल एयरपोर्ट अपनी सामान्य क्षमता के केवल 10 प्रतिशत पर काम कर रहा है, जिससे यात्रियों और प्रवासियों के लिए यात्रा के नियम बदल गए हैं।
कुवैत एयरपोर्ट पर अब कितनी फ्लाइट्स चलेंगी?
पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल एविएशन (PACA) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल Saad Al-Otaibi ने बताया कि एयरपोर्ट का संचालन एक चरणबद्ध योजना के तहत किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- फ्लाइट्स की संख्या: पहले रोजाना 400 फ्लाइट्स चलती थीं, लेकिन अब केवल 40 फ्लाइट्स ही संचालित होंगी।
- विभाजन: इन 40 फ्लाइट्स में 20 आने वाली और 20 जाने वाली उड़ानें शामिल हैं।
- एयरलाइंस: Kuwait Airways ने टर्मिनल 4 (T4) से मिस्र, बेरूत, ओमान और मनीला के लिए उड़ानें शुरू की हैं। Jazeera Airways भी इस प्रक्रिया में शामिल है।
- कार्गो सेवाएं: Ethiopian Airlines कार्गो फ्लाइट्स को प्राथमिकता देते हुए संचालन शुरू करने की तैयारी कर रही है।
यात्रियों के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें?
सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए कुछ सख्त नियम लागू किए गए हैं। जो लोग यात्रा कर रहे हैं, उन्हें इन बातों का ध्यान रखना होगा:
- सुरक्षा जांच: यात्रियों को विमान से उतरने के बाद निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में जाना होगा और वहां सुरक्षा जांच करानी होगी, उसके बाद ही एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश मिलेगा।
- साथी वर्जित: यात्रियों के साथ आने वाले रिश्तेदारों या साथियों को एयरपोर्ट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
- समन्वय: इस पूरी योजना को आंतरिक मंत्रालय, कस्टम्स (GAC), फायर फोर्स और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर लागू किया गया है।
एयरपोर्ट क्यों बंद था और अब क्या स्थिति है?
28 फरवरी 2026 को क्षेत्रीय सुरक्षा स्थितियों और ईरानी हमलों के कारण कुवैत के हवाई क्षेत्र को बंद करना पड़ा था। इन हमलों में टर्मिनल 1, रडार सिस्टम और ईंधन स्टोरेज जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंचा था।
सिविल एविएशन के डायरेक्टर जनरल Sheikh Engineer Hamoud Mubarak Hamoud Al-Sabah ने 23 अप्रैल को हवाई क्षेत्र को फिर से खोलने का ऐलान किया था। तकनीकी टीमों ने नुकसान का आकलन कर मरम्मत का काम पूरा कर लिया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।