कुवैत सरकार ने विदेशी निवेशकों के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब योग्य निवेशकों को 15 साल तक की लॉन्ग-टर्म रेसिडेंसी मिल सकेगी। यह फैसला कैबिनेट के प्रस्ताव संख्या 651 (2026) के तहत लिया गया है, जिसे 14 जून 2026 को आधिकारिक गजट ‘Kuwait Alyoum’ में प्रकाशित किया गया। यह कदम देश में निवेश बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

इस नई व्यवस्था के तहत उन लोगों को फायदा मिलेगा जो कुवैत में अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या निवेश करना चाहते हैं। इसमें बिजनेस मालिक, उनके पार्टनर और सीनियर अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों, जैसे जीवनसाथी, माता-पिता और बच्चों को भी शामिल किया गया है।

निवेश और पात्रता की शर्तें

15 साल की रेसिडेंसी पाने के लिए सरकार ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं। निवेश से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

विवरण शर्त/राशि
कुल निवेश राशि कम से कम 50 लाख कुवैती दीनार (KD 5 Million)
न्यूनतम पूंजी (Capital) कम से कम 10 लाख कुवैती दीनार (KD 1 Million)
रेसिडेंसी की अवधि 15 साल तक (नवीकरणीय)
सालाना फीस 50 कुवैती दीनार (KD 50)
लाइसेंस KDIPA द्वारा जारी वैध लाइसेंस जरूरी

जरूरी दस्तावेज और अन्य नियम

आवेदन करने वाले निवेशकों को कुछ अनिवार्य शर्तों को पूरा करना होगा:

  • आवेदक के पास क्लीन क्रिमिनल रिकॉर्ड सर्टिफिकेट होना चाहिए।
  • पासपोर्ट की वैधता आवेदन के समय कम से कम छह महीने होनी चाहिए।
  • कंपनी का कुवैत में फिजिकल ऑफिस और ऑपरेशन होना जरूरी है।
  • कुवैत सरकार द्वारा तय किए गए कुवैती नागरिकों की नौकरी के कोटा (Kuwaitization) का पालन करना होगा।
  • आवेदक का नाम पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए।
  • अनिवार्य हेल्थ इंश्योरेंस लेना होगा, क्योंकि रेसिडेंसी की अवधि इंश्योरेंस कवर से ज्यादा नहीं हो सकती।

आवेदन और रिन्यूअल की प्रक्रिया

इन रेसिडेंसी परमिट्स को जारी करने की जिम्मेदारी मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर (General Directorate of Residency Affairs) की होगी। हालांकि, आवेदन की जांच और सिफारिश Kuwait Direct Investment Promotion Authority (KDIPA) करेगा। KDIPA को पूरे आवेदन पर पांच कार्य दिवसों के भीतर फैसला लेना होगा।

अगर कोई निवेशक अपनी रेसिडेंसी को रिन्यू करना चाहता है, तो उसे परमिट खत्म होने से कम से कम 60 दिन पहले आवेदन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने, भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने या गलत जानकारी देने पर सरकार यह रेसिडेंसी रद्द भी कर सकती है।

परमिट खत्म होने के बाद, निवेशकों को अपना मामला सुलझाने के लिए 90 दिन का समय मिलेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर 180 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.