कुवैत में ईरान के हमलों ने सबको चौंका दिया है। इस हमले में एयरपोर्ट के रडार और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के उपकरणों को भारी नुकसान पहुँचा है और कई लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा के कारण कुवैत ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे फ्लाइट्स को दूसरे रास्तों पर मोड़ना पड़ा।

एयरपोर्ट को भारी नुकसान और उड़ानें प्रभावित

कुवैत के Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने बताया कि ईरानी हमलों की वजह से रडार सुविधाओं और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट के सामान को काफी नुकसान पहुँचा है। इस घटना में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। खतरे को देखते हुए गुरुवार, 11 जून 2026 को कुवैत के हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। इस दौरान आने-जाने वाली फ्लाइट्स को दूसरे रास्तों पर भेजा गया, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और उड़ानें फिर से शुरू हुईं।

24 ड्रोन हमलों का सामना

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पिछले 48 घंटों के भीतर कुवैत पर 24 दुश्मन ड्रोन से हमला हुआ। कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने इन लक्ष्यों को रोकने की कोशिश की। इन ड्रोन हमलों से कुछ सामान का नुकसान तो हुआ, लेकिन इन विशिष्ट हमलों में कोई जानमाल की हानि नहीं हुई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और कड़ा रुख

कुवैत सरकार इस हमले से काफी नाराज है। DGCA ने International Civil Aviation Organization (ICAO) को तीसरा विरोध पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि सिविल एविएशन की सुविधाओं को निशाना बनाना 1944 के शिकागो कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का बड़ा उल्लंघन है। वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वे अपनी सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।

यात्रियों और प्रवासियों पर असर

इस तरह के तनाव का असर अक्सर फ्लाइट्स की समय सारणी पर पड़ता है। कुवैत आने-जाने वाले भारतीय प्रवासियों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा से पहले फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें क्योंकि सुरक्षा कारणों से अचानक बदलाव हो सकते हैं। यह पूरी घटना अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रहे तनाव का हिस्सा है।