कुवैत में ईरानी हमले के शुरू होने के बाद से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और अलग-अलग देशों के 141 लोग घायल हुए हैं। इस घटना का असर कुवैत में काम कर रहे विदेशी नागरिकों और प्रवासियों पर भी पड़ा है। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों ने मौजूदा हालात को देखते हुए अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है। आम लोगों और कामगारों की सुरक्षा के लिए कई कड़े नियम भी लागू किए गए हैं।

विदेशी नागरिकों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा है?

सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट के अनुसार 14 मार्च 2026 तक के आंकड़ों में 6 मौतें और 141 घायलों की पुष्टि हुई है। घायलों में बड़ी संख्या में कुवैत में काम करने वाले विदेशी नागरिक और एक्सपैट शामिल हैं। कुवैत स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ अब्दुल्ला अल-सनद लगातार नागरिकों और प्रवासियों के लिए अपडेट जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य देशों के जो लोग कुवैत में रहते हैं उन्हें फिलहाल सतर्क रहने को कहा गया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शुएबा पोर्ट जैसे अहम ठिकानों के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

कुवैत सरकार ने आम लोगों के लिए क्या नियम बनाए हैं?

कुवैत में मौजूद सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए सरकार ने कुछ जरूरी निर्देश दिए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है:

  • हवा में मिसाइल रोके जाने का वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर पब्लिश करने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।
  • अफवाह फैलाने वालों और गलत जानकारी देने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • आम लोगों से कहा गया है कि वे सड़कों पर गिरे हुए किसी भी अनजान वस्तु या मिसाइल के टुकड़ों के पास न जाएं।
  • अल-अदान, जाबेर और फरवानिया जैसे प्रमुख अस्पतालों को किसी भी इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
  • लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी और सरकारी बयान पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा हालात

कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने बताया है कि सेना ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोक दिया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एहतियात के तौर पर कई कदम उठाए गए हैं और सीमित उड़ानें ही भारी सुरक्षा के बीच चल रही हैं। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को बिना किसी जरूरी काम के बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है। हालात को देखते हुए कुवैत का आंतरिक मंत्रालय सभी जगहों पर सुरक्षा प्लान लागू कर चुका है ताकि सभी लोग सुरक्षित रह सकें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.