कुवैत में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि 19 जुलाई 2026 को ईरान की तरफ से फिर से एक पावर और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया गया। पिछले दो दिनों में यह दूसरा हमला है, जिसके कारण प्लांट के कुछ हिस्सों में भीषण आग लग गई। कुवैत के मंत्रालय ने इसे ईरान की आक्रामकता करार दिया है और सुरक्षा के लिए इमरजेंसी प्लान लागू कर दिया है। कुवैत अपनी पीने के पानी की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं डिसेलिनेशन प्लांट से पूरा करता है, इसलिए यह स्थिति आम लोगों के लिए चिंता का विषय है।
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कुवैत में सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई
कुवैत के सैन्य जनरल स्टाफ ने पुष्टि की कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आए मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला किया है। कुवैत सिटी में चेतावनी के सायरन बजने की खबरें भी सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने निवासियों को सुरक्षा के निर्देशों का पालन करने को कहा। 18 जुलाई 2026 को कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के एक ऑयल साइट पर भी हमला हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए और काफी नुकसान हुआ।
आम जनजीवन पर असर
डॉ. सुबैह अल-मुखैज़िम, जो बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं, उन्होंने बताया कि मंत्रालय प्लांट को वापस सुचारू रूप से चलाने के लिए मरम्मत का काम तेजी से कर रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से कई जनरेशन यूनिट्स को बंद करना पड़ा है। तनाव के चलते कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी उड़ानों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका और कुवैत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। फिलहाल स्थिति पर सरकार की पैनी नजर है और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
