कुवैत में बीते रविवार 19 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से हुए हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। ईरानी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए कुवैत के बिजली और पानी के प्लांट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी बुनियादी ढांचे पर हमला किया है। अरब संसद के अध्यक्ष Mohammed bin Ahmed Al Yamahi ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे कुवैत की संप्रभुता के खिलाफ एक खतरनाक कदम बताया है।

हमले के बाद सरकार ने क्या कहा

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Saud Abdulaziz Al-Atwan ने पुष्टि की कि रविवार सुबह से ही कुवैत के आसमान में विदेशी मिसाइल और ड्रोन देखे गए थे। हालांकि सेना ने कई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन कुछ ड्रोन और मिसाइल कुवैत की जमीन पर गिरे। इस हमले से नागरिक सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है और कई जगहों पर आग लगने की खबरें भी आई हैं।

कुवैत की आगे की रणनीति

कुवैत विदेश मंत्रालय ने इस हमले को सुनियोजित और आक्रामक बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। कुवैत ने साफ किया है कि वे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी आत्मरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का पूरा अधिकार रखते हैं। अरब संसद ने भी कुवैत के साथ खड़े होने का भरोसा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे अरब देशों की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ हो रहे इन हमलों को रोकने के लिए सख्त रुख अपनाएं। सुरक्षा परिषद के संकल्प 2817 के उल्लंघन को लेकर भी चिंता जताई गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.