कुवैत में 17 और 18 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से किए गए हमलों के बाद कई जगहों पर भीषण आग लग गई है। ईरान की सेना ने इसे ऑपरेशन थंडरबोल्ट का नाम दिया है, जिसके तहत कुवैत के रणनीतिक ठिकानों, एयर बेस और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है और कुवैत सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

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हमले की पूरी जानकारी और सरकारी कदम

ईरान के इस हमले में Camp Al-Udairi के गोला-बारूद डिपो और Ali Al-Salem एयर बेस के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया। कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की कि 18 जुलाई 2026 को एक पावर और पानी के प्लांट में आग लग गई, जिसके कारण आम लोगों से बिजली की खपत कम करने की अपील की गई है। कुवैत की सेना ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम लगातार आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए सक्रिय हैं।

राहत और बचाव कार्य

कुवैत की General Fire Force (GFF) ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पांच टीमों के साथ पहली घटना वाली जगह और तीन टीमों के साथ दूसरी जगह पर आग बुझाने का काम शुरू किया। इस दौरान कई फायर फाइटर्स और एक वर्कर घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। 17 जुलाई 2026 को प्रवक्ता Mohammed Al-Gharib ने बताया था कि उस समय तक कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन ताजा हमलों के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.