कुवैत में काम करने वाले प्रवासियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। पिछले दिनों ईरानी हमले में जान गंवाने वाले भारतीय संथनासेल्वम कृष्णन के परिवार को उनकी कंपनी ने बड़ी मदद देने का फैसला किया है। Al Thiqa Food Group Company ने घोषणा की है कि वह अगले एक साल तक कृष्णन की सैलरी उनके भारत में रह रहे परिवार को भेजती रहेगी। यह फैसला उन हजारों प्रवासियों के लिए एक सहारा है जो कुवैत में रहकर अपने परिवार का पेट पालते हैं और ऐसी मुश्किल घड़ी में अकेले पड़ जाते हैं।

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कंपनी के इस फैसले से परिवार को क्या फायदा होगा?

संथनासेल्वम कृष्णन तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के रहने वाले थे और पिछले 10 साल से कुवैत में एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर रहे थे। 29 मार्च 2026 को बिजली और जल संयंत्र पर हुए हमले में उनकी दुखद मृत्यु हो गई थी। अब उनकी कंपनी Al Thiqa Food Group ने 7 अप्रैल को यह बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने बताया है कि वह मानवीय आधार पर कृष्णन का पूरा वेतन उनके परिवार को देती रहेगी ताकि उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी जरूरी सरकारी मंजूरियां भी ले ली गई हैं।

कुवैत में हुए हमले और घटना की पूरी जानकारी

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला ईरानी आक्रामकता का हिस्सा था। इस हमले में न केवल एक भारतीय नागरिक की जान गई बल्कि परिसर की इमारतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि पिछले कुछ हफ्तों में देश पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं। सुरक्षा बलों ने कई हमलों को नाकाम किया है लेकिन कुछ हमलों में जान-माल का नुकसान हुआ है।

विवरण जानकारी
मृतक कर्मचारी संथनासेल्वम कृष्णन (37), तमिलनाडु
नौकरी का पद इलेक्ट्रीशियन (10 साल का अनुभव)
कंपनी का नाम Al Thiqa Food Group Company
मदद का ऐलान एक साल तक का पूरा वेतन
हमले की तारीख 29 मार्च 2026
हालिया हमले कुवैत एयरपोर्ट और शुवैख तेल क्षेत्र (अप्रैल 2026)

भारतीय दूतावास का क्या कहना है?

कुवैत में भारतीय दूतावास इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने इस घटना पर गहरा दुख जाहिर किया है और वह खुद सेंट्रल मोर्चरी जाकर अधिकारियों से मिली हैं। दूतावास का कहना है कि वे कुवैती प्रशासन के साथ मिलकर मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। साथ ही परिवार को जो भी कानूनी मदद या मुआवजा मिलना चाहिए, उसके लिए दूतावास लगातार कंपनी और स्थानीय सरकार के संपर्क में बना हुआ है।