कुवैत में ईरान की तरफ से हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान कुवैत के आसमान में भारी हलचल देखी गई और सेना ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नासिर बौसलीब ने बताया कि शहरों में मिसाइलों के मलबे और विदेशी चीजें गिरने की शिकायतों में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इस हमले की वजह से देश की एक बड़ी तेल रिफाइनरी और पानी साफ करने वाले प्लांट को भी नुकसान पहुँचा है जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा है।

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हमले और बचाव से जुड़े अहम आंकड़े

कुवैत की सेना और सुरक्षा एजेंसियां इन हमलों से निपटने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुए बचाव कार्यों की जानकारी नीचे दी गई है:

विवरण संख्या/जानकारी
इंटरसेप्ट की गई बैलिस्टिक मिसाइलें 07
मार गिराए गए क्रूज मिसाइल 02
हवा में नष्ट किए गए ड्रोन 26
मलबे गिरने की नई रिपोर्ट 20
कुल मलबे गिरने की रिपोर्ट (अब तक) 669
सायरन बजने की कुल संख्या 167

कुवैत में कहाँ और कितना हुआ नुकसान?

ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों ने कुवैत की नेशनल ऑयल कंपनी की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया जिसके कारण वहां की कई यूनिट्स में आग लग गई। इसके अलावा एक पावर और वाटर डिसेलिनेशन कॉम्प्लेक्स को भी ईरानी हमले में नुकसान पहुँचा है। कुवैत रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर खतरों को हवा में ही खत्म कर दिया लेकिन कुछ जगहों पर नुकसान हुआ है।

सिविल डिफेंस की ओर से पिछले 24 घंटों में तीन बार सायरन बजाकर लोगों को सावधान किया गया। कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अन्य लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और सायरन बजने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। विस्फोटक निरोधक दस्ते (EOD) लगातार उन इलाकों की जांच कर रहे हैं जहाँ मिसाइलों के टुकड़े गिरे हैं ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.