Kuwait: कुवैत के सैन्य अड्डे पर ईरान का हमला, अमेरिकी शेयर बाजार में हलचल और तनाव का माहौल

खाड़ी देशों में तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है। 3 और 4 अगस्त 2026 को अमेरिका का शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गया, जबकि दूसरी ओर ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने चिंताएं पैदा कर दी हैं। कुवैत के सैन्य अड्डे पर हुए हमले और ओमान की खाड़ी में एक जहाज को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।
कुवैत और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव
4 अगस्त 2026 को ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया। इस दौरान कुवैत और इराक के कई हिस्सों में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं। इससे पहले 2 अगस्त को भी कुवैत ने अपने ऊपर हुए ड्रोन हमलों का जवाब दिया था। वहीं, ओमान के तट के पास एक अज्ञात जहाज को मिसाइल या किसी प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिससे समुद्री व्यापार में सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और यह परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने का आखिरी मौका है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। ईरान का कहना है कि उनकी बातचीत केवल ओमान के साथ हो रही है और उसका मकसद केवल Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है।
शेयर बाजार पर असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस अनिश्चितता का सीधा असर तेल की कीमतों और Treasury yields पर पड़ रहा है। हालांकि बाजार में फिलहाल तेजी बनी हुई है, लेकिन निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। इस बीच, कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में हो रही सैन्य कार्रवाई और स्वास्थ्य केंद्रों पर हमलों की निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति और अधिक जटिल हो गई है।