ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 23 जुलाई 2026 को कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इस हमले में अल-उदैरी और अली अल सलेम एयर बेस को निशाना बनाया गया, जिससे अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट तबाह हो गई और सैन्य ठिकानों पर हताहतों की खबर है। ईरान ने दावा किया कि यह कार्रवाई अमेरिकी बमबारी और तीर्थयात्रियों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है।
ब्रिटेन को ईरान की सख्त चेतावनी
ईरान ने ब्रिटेन को चेतावनी दी है कि यदि उनके सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ किया गया, तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के फैसलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। विशेष रूप से RAF Fairford से उड़ान भरने वाले अमेरिकी B-1 बॉम्बर का जिक्र करते हुए ईरान ने ब्रिटेन को इन हमलों में भागीदार करार दिया है।
सुरक्षा पर ब्रिटेन का रुख
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Andy Burnham ने पुष्टि की है कि RAF Fairford और डिएगो गार्सिया जैसे ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल अमेरिकी रक्षात्मक हमलों के लिए जारी रहेगा। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वे किसी भी हमले से अपने देश और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे तैयार हैं। सुरक्षा खतरों को देखते हुए ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने ईरान से अपने दूतावास के कर्मचारियों को भी वापस बुला लिया है।
