कुवैत और खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यूरोपीय परिषद (European Council) ने कुवैत के प्रति अपनी पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया है। यह कदम ईरान और उसके समर्थित समूहों द्वारा कुवैत पर किए गए हालिया हमलों के बाद उठाया गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 10 जून 2026 की सुबह अमेरिका ने ईरान पर तीन दौर की सैन्य कार्रवाई की, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस अचानक बढ़े तनाव के कारण पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है और चीन जैसी वैश्विक ताकतों ने भी दोनों पक्षों से शांति की अपील की है।

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यूरोपीय परिषद और वैश्विक देशों ने कुवैत के प्रति क्या कहा?

यूरोपीय परिषद ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह कुवैत की संप्रभुता के साथ मजबूती से खड़ा है। इससे पहले 3 जून 2026 को भी यूरोपीय संघ ने बहरीन और कुवैत पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में आलोचना की थी। अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कुवैत के नागरिक ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कम से कम 60 लोग घायल हुए थे। सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी इन हमलों की निंदा की है और कुवैत की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस साल मार्च में प्रस्ताव 2817 पारित कर ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की थी।

ईरान और अमेरिका के बीच कैसे बढ़ा ताजा सैन्य विवाद?

बीजिंग समय के अनुसार, 10 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और सेना ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने यूरोपीय संघ के बयानों की आलोचना की है और कहा है कि ईरान की सैन्य कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई है। हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों से शांत रहने, संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम के लिए काम करने की अपील की है।

खाड़ी में रहने वाले प्रवासी कामगारों और भारतीयों पर क्या होगा असर?

कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में लाखों भारतीय प्रवासी काम करते हैं और रहते हैं। इस तरह के हवाई हमलों और सैन्य टकराव से स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है, जिससे प्रवासियों के मन में भी डर का माहौल बनता है। यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काजा क्लास ने खाड़ी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और समुद्री यातायात में बाधा डालने वालों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है ताकि तेल सप्लाई और व्यापारिक मार्ग सुरक्षित रह सकें। भारतीय प्रवासियों के लिए इस क्षेत्र में शांति बने रहना बेहद जरूरी माना जाता है क्योंकि किसी भी बड़े युद्ध की स्थिति में उनकी नौकरियों और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

10 जून 2026 को खाड़ी क्षेत्र में क्या बड़ी घटना हुई?

10 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान पर तीन दौर के हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बनाया।

यूरोपीय संघ ने कुवैत के लिए क्या घोषणा की है?

यूरोपीय संघ ने कुवैत के साथ पूर्ण एकजुटता जताई है और नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए ईरान से हमले बंद करने की मांग की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com