Kuwait में 18 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से किए गए कथित हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इन हमलों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में आग लग गई, जिसमें कई दमकलकर्मी और एक वर्कर के घायल होने की खबर है। हमले के बाद देश में अलर्ट जारी कर दिया गया और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय करना पड़ा।
हमले का असर और नुकसान
Kuwait Petroleum Corporation ने बताया कि ईरान के लगातार हमलों के कारण उनकी एक महत्वपूर्ण तेल सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद वहां से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। इसके अलावा, बिजली और पानी के प्लांट को भी निशाना बनाया गया, जिससे बिजली उत्पादन की कई इकाइयां बंद हो गई हैं।
प्रशासन का कदम
हमले की गंभीरता को देखते हुए Kuwait International Airport पर उड़ानों को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। पूरे देश में चेतावनी सायरन बजाए गए और सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए हमलों को रोकने की कोशिश की। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को आम नागरिकों और देश के बुनियादी ढांचे पर किया गया एक बड़ा हमला बताया है।
दूसरी ओर, ईरान की सेना ने दावा किया है कि ये हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ बदले की कार्रवाई के रूप में किए गए हैं। इस स्थिति के चलते सऊदी अरब और बहरीन ने भी ईरान के इन हमलों की निंदा की है और बहरीन ने अपने इलाके में भी ईरानी हमलों को नाकाम करने की बात कही है।
