Kuwait में ईरान के हमलों के बाद सुरक्षा हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में वहां की कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें रक्षा मंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य अपडेट्स की जानकारी दी। देश में तेल के निर्यात पर बड़ा असर पड़ा है जिससे आम लोग और कारोबारी चिंतित हैं। सरकार ने नागरिकों और रहने वालों से केवल आधिकारिक सूत्रों की खबरों पर ही भरोसा करने को कहा है।

कुवैत की सेना और सुरक्षा की क्या है स्थिति?

रक्षा मंत्री Sheikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने कैबिनेट को बताया कि सेना की Explosives Inspection and Disposal Unit उन टुकड़ों और विस्फोटकों को हटा रही है जो हमलों के दौरान गिरे थे। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम 21 अप्रैल 2026 की रात 8 बजे खत्म हो गया था। इसके बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के समुद्र में अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स को तैनात कर दिया है ताकि सुरक्षा बनी रहे।

तेल निर्यात और बाहरी देशों का क्या रुख है?

सुरक्षा कारणों की वजह से Kuwait Petroleum ने सभी कच्चे और रिफाइंड तेल के निर्यात पर force majeure घोषित कर दिया है, जिसका मतलब है कि अभी तेल का निर्यात रुक गया है। कुवैत इस समय GCC देशों के साथ मिलकर इलाके में शांति लाने के लिए तालमेल बिठा रहा है। वहीं मिस्र ने साफ कहा है कि कुवैत की सुरक्षा उनके लिए बहुत जरूरी है और वे किसी भी तरह के हमले का विरोध करते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.