शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को कुवैत के सैन्य शिविरों और सैन्य ठिकानों पर ईरान ने ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कुवैत के कई सैनिक घायल हुए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हमले की चपेट में आने से पावर स्टेशन और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी काफी नुकसान पहुँचा है। कुवैत के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ Lt. Gen. Khaled Daraj Saad Al-Shuraian और डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ एयर वाइस मार्शल Sabah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने अस्पताल जाकर घायल सैनिकों का हालचाल जाना।
हमले की पूरी जानकारी
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, जिससे कई धमाके सुने गए। इससे पहले गुरुवार 16 जुलाई 2026 को भी हवाई हमले की खबरें आई थीं। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताया है। सरकार ने सभी नागरिकों और प्रवासियों से बिजली और पानी की खपत कम करने की अपील की है।
ईरान ने ली हमले की जिम्मेदारी
ईरान की सेना और IRGC ने ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ के नाम से इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम और लॉजिस्टिक सेंटर्स को निशाना बनाया है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की CENTCOM भी लगातार ईरान के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रही है। मिस्र, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों ने भी इन हमलों की निंदा की है।
