कुवैत में हाल ही में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों ने तनाव बढ़ा दिया है। 17 जुलाई 2026 को कुवैत के सैन्य ठिकानों और एक महत्वपूर्ण बिजली व पानी के संयंत्र को निशाना बनाया गया। इस घटना में कुवैती सशस्त्र बलों के कई सैनिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है और वे फिलहाल स्थिर स्थिति में हैं।
🚨: Iraq पर ईरान का हमला: कतर ने जताया कड़ा विरोध, बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.।
हमले की जानकारी और सुरक्षा स्थिति
कुवैत के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, देश के सुरक्षा बलों ने कई मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही रोक लिया था, लेकिन कुछ हमले सैन्य शिविरों और बिजली व पानी के प्लांट तक पहुँच गए। हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई, जिसके चलते कुवैत सरकार ने नागरिकों से बिजली की बचत करने की अपील की है। चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल खालिद दराज साद अल-शुरैयन और डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ एयर वाइस मार्शल सबाह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह ने अस्पताल जाकर घायल सैनिकों का हालचाल जाना है।
कुवैत सरकार का कड़ा रुख
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय का कहना है कि ईरान लगातार क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इससे पहले 15 जुलाई को भी रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सालेम अल-सबाह ने घायल सैनिकों से मुलाकात की थी, जो नौसैनिक ठिकानों पर हुए एक पुराने हमले में चोटिल हुए थे। कुवैत में रह रहे प्रवासियों और नागरिकों के लिए स्थिति पर प्रशासन की पूरी नजर है और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है।
