कुवैत में इस वक्त तनाव की स्थिति बनी हुई है। Kuwaiti Army ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से देश में ड्रोन हमले किए गए हैं। इन हमलों को General Staff of the Kuwaiti Army ने ईरानी आक्रामकता करार दिया है। पूरे देश में विस्फोट की आवाजें सुनाई दे रही हैं और कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम इन ड्रोन्स को रोकने में जुटी हुई है।
ऑपरेशन थंडरबोल्ट के नाम से हमला
ईरान की सेना ने इसे Operation Thunderbolt का नाम दिया है। ईरान का दावा है कि ये हमले Kuwait, Jordan और Bahrain में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किए गए हैं। ईरान का कहना है कि उसने कुवैत के पश्चिमी हिस्से में स्थित Camp Doha के गोदामों और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को टारगेट किया है। इससे पहले 21 जुलाई को कुवैत सरकार ने पावर स्टेशनों और तेल की सुविधाओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी।
सुरक्षा और कूटनीति पर कुवैत का कड़ा रुख
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तनाव के लिए पूरी तरह ईरान जिम्मेदार है और कुवैत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने का हक रखता है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने भी 22 जुलाई को कुवैत का साथ देने का ऐलान किया है। वहीं, अमेरिका की ओर से भी ईरान के ठिकानों पर लगातार 11वीं रात भी हमले जारी रहे।
