कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ी जानकारी साझा की है जिसमें बताया गया है कि देश पर आज सुबह से ही ड्रोन के जरिए हमले किए गए हैं. ईरान की ओर से आए इन 28 ड्रोन हमलों का सामना करने के लिए कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी ताकत लगा दी. सेना ने आधिकारिक बयान में बताया है कि हमले सुबह 8:00 बजे शुरू हुए थे. हालांकि सेना ने कई ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया लेकिन कुछ ड्रोन जरूरी ठिकानों तक पहुँचने में कामयाब रहे हैं जिससे नुकसान हुआ है.

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कुवैत रक्षा मंत्रालय ने हमलों पर क्या कहा?

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल स्टाफ Saud Al-Atwan ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है. उनके मुताबिक कुवैत की सेना ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन को रोकना शुरू कर दिया था. सेना द्वारा दी गई जानकारी के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कुल 28 ईरानी ड्रोन ने कुवैत की सीमा में घुसने की कोशिश की थी.
  • ज्यादातर ड्रोन को उनके टारगेट तक पहुँचने से पहले ही मार गिराया गया.
  • यह हमले सुबह 8:00 बजे से लगातार एक लहर की तरह किए गए.
  • सेना और एयर डिफेंस यूनिट्स अभी भी अलर्ट मोड पर बनी हुई हैं.

प्रवासियों और तेल सेक्टर पर क्या होगा असर?

इस हमले की वजह से कुवैत के कुछ महत्वपूर्ण तेल ठिकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है. तेल की सुविधाओं पर ड्रोन गिरने से वहां के कामकाज पर असर पड़ा है और सुरक्षा को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया गया है. कुवैत में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि किसी भी बड़े तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. जो लोग कुवैत में रह रहे हैं उन्हें स्थानीय प्रशासन और सेना के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. सरकार फिलहाल तेल ठिकानों पर हुए नुकसान का पूरा जायजा ले रही है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.