कुवैत में ईरान और उसके समर्थकों ने ड्रोन हमलों से तबाही मचाई है. सऊदी अरब ने इन हमलों को बहुत गलत बताया है और ईरान को इसका जिम्मेदार ठहराया है. यह हमला कुवैत की सुरक्षा और हवाई सीमा का बड़ा उल्लंघन है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है.

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कुवैत में क्या हुआ और सऊदी का क्या कहना है?

9 अप्रैल 2026 की रात को ईरान और उसके समूहों ने कुवैत के जरूरी बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले किए. सऊदी अरब ने 11 अप्रैल को सऊदी प्रेस एजेंसी के जरिए इसे ‘घिनौना’ हमला बताया. सऊदी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का उल्लंघन है. सऊदी अरब ने ईरान और उसके समूहों से तुरंत इन हमलों को रोकने की मांग की है और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के पालन पर जोर दिया है. सऊदी ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है.

US मिलिट्री बेस पर हमले और ताजा हालात क्या हैं?

इलाके में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं. 2 मई 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. इन हमलों को ‘Operation True Promise 4’ का नाम दिया गया है. इस ऑपरेशन के तहत कुवैत में मौजूद US मिलिट्री बेस जैसे Ali Al Salem और Camp Buehring को निशाना बनाया गया है. इन हमलों में कुछ लोगों की जान भी गई है. अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इन हमलों के बीच US मिलिट्री बेस की सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर ड्रोन हमले किसने किए?

ये हमले ईरान और उसके समर्थित समूहों द्वारा किए गए. इन्हें ‘Operation True Promise 4’ का हिस्सा बताया जा रहा है, जो क्षेत्रीय संघर्ष का परिणाम है.

सऊदी अरब ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सऊदी अरब ने इन हमलों को घिनौना बताया और इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन कहा. सऊदी ने ईरान से सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तुरंत बंद करने की मांग की है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com