खाड़ी देशों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि 31 जुलाई 2026 को Kuwait की सेना ने पुष्टि की कि ईरानी ड्रोन ने उनके हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की। इस हमले के कारण वहां एक चीनी कंपनी के वर्कर की मौत हो गई और काफी नुकसान भी हुआ है। इस बीच, Iran ने चेतावनी दी है कि उनके पास अमेरिका और इसराइल के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक व्यापक योजना तैयार है।

तनाव की मुख्य वजह

यह घटनाक्रम 30 जुलाई 2026 को Qeshm Island पर हुए हमले के बाद तेज हुआ है, जिसमें Iran के अनुसार उनके तीन नागरिकों की जान गई थी। इसके जवाब में, IRGC ने दावा किया कि उन्होंने Hormuz जलडमरूमध्य में दो टैंकरों को रोक दिया है, जिसे अब Iran ने पूरी तरह से बंद घोषित कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साइप्रस और बुल्गारिया से अपील की है कि वे अमेरिकी सेना को अपने यहां बेस इस्तेमाल करने से रोकें।

अमेरिका और इसराइल की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Camp David में कैबिनेट बैठक कर ईरान पर सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल ईरान के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले की तैयारी में हैं। CENTCOM ने भी Hormuz में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए कई व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला है और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को फिर से लागू किया है।

वैश्विक चिंताएं

संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच का यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर अस्थिरता पैदा कर रहा है। इस तनाव का असर तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है, जिसे लेकर अमेरिकी सरकार ने अपनी चिंता जाहिर की है। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.