अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी देशों तक पहुँच चुका है। Kuwait के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से आए ड्रोन ने उनके हवाई क्षेत्र में हमला किया, जिससे Ahmad al-Jaber Air Base को निशाना बनाया गया। हालांकि डिफेंस सिस्टम ने इन ड्रोन्स को नष्ट कर दिया, लेकिन मलबे गिरने से वहां संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
तनाव के बीच अमेरिका की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नए सैन्य अभियानों के आदेश दिए हैं। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, यह सैन्य अभियान 1 अगस्त से 2 अगस्त 2026 के बीच शुरू हो सकता है और इसके कई दिनों तक चलने की उम्मीद है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे और अमेरिकी सेना किसी भी समय जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।
क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा पर असर
इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है, जिसके कारण वहां से आवाजाही बंद कर दी गई है। दूसरी ओर, इजरायल ने इन दावों से दूरी बनाते हुए कहा है कि उन्हें ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की जानकारी नहीं है। अमेरिका ने भी ईरान से जुड़े छह लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस स्थिति के चलते खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा और यात्रा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
